गोरखपुर का विष्णु मंदिर, जहां एक ही परिसर में होते हैं बद्रीनाथ से लेकर चारों धाम के दर्शन

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गोरखपुर का विष्णु मंदिर, जहां एक ही परिसर में होते हैं बद्रीनाथ से लेकर चारों धाम के दर्शन


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गोरखपुर में स्थित यह प्राचीन विष्णु मंदिर आस्था के साथ-साथ अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है. पालकालीन काले पत्थर की विष्णु प्रतिमा वाले इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ और रामेश्वरम जैसे चारों धाम के प्रतीक स्वरूप दर्शन करने का अवसर मिलता है.

गोरखपुर शहर में एक ऐसा विष्णु मंदिर मौजूद है, जिसकी पहचान सिर्फ आस्था से ही नहीं बल्कि उसके ऐतिहासिक महत्व से भी जुड़ी हुई है. यह मंदिर अपने अनोखे स्वरूप के कारण श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है. खास बात यह है कि यहां आने वाले भक्तों को एक ही परिसर में हिंदू धर्म के चारों धाम के दर्शन करने का अवसर भी मिलता है.

कॉल काल का इतिहास

गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की प्रोफेसर प्रज्ञा के अनुसार मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा काफी प्राचीन मानी जाती है. प्रतिमा का संबंध पाल काल से जोड़ा जाता है. उस समय की कला शैली में बनी यह प्रतिमा काले पत्थर से तैयार की गई है और इसकी बनावट भी उसी दौर की शिल्पकला को दर्शाती है.

चारों धाम

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर हिंदू धर्म के चारों धाम के प्रतीक स्वरूप दर्शन हो जाते हैं. मंदिर परिसर में अलग-अलग स्थानों पर उन देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका संबंध चारों धाम से माना जाता है. इसी कारण स्थानीय लोग इसे चारों धाम मंदिर के नाम से भी जानते हैं.

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चारो धाम

मंदिर परिसर में बद्रीनाथ धाम से जुड़े भगवान विष्णु के स्वरूप की प्रतिमा स्थापित की गई है. यहां आने वाले श्रद्धालु इस स्थान पर पूजा-अर्चना कर उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के दर्शन का पुण्य प्राप्त करने की मान्यता रखते हैं.

चारों धाम

मंमंदिर में भगवान जगन्नाथ और भगवान कृष्ण से जुड़े स्वरूपों की भी अलग-अलग प्रतिमाएं स्थापित हैं. श्रद्धालु यहां आकर पुरी के जगन्नाथ धाम और गुजरात के द्वारका धाम के प्रतीक रूप में दर्शन करते हैं.

चारों धाम

चारों धाम की परंपरा को पूरा करने के लिए मंदिर परिसर में रामेश्वर धाम से जुड़े भगवान शिव का भी एक अलग मंदिर बनाया गया है. भक्त यहां जल चढ़ाकर पूजा करते हैं और दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रामेश्वरम धाम के दर्शन का भाव मन में रखते हैं.

चारों धाम

इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर चारों धाम के दर्शन हो जाते हैं. मान्यता है कि यहां श्रद्धालु भगवान विष्णु के ही दर्शन करने नहीं आते बल्कि मंदिर के चारों तरफ घूम कर वो चारों धाम के दर्शन भी कर लेते हैं. इस मंदिर में हमेशा आने के बाद सुख संपत्ति की प्राप्ति भी होती है.



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