गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म 3-4 पर दो ट्रेनों ने मचाई भगदड़, फुटऑवर व्रिज पर मची चीख-पुकार, टला बड़ा हादसा
Last Updated:
Gorakhpur Latest News: गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त भगदड़ मच गई, जब प्लेटफ़ॉर्म नंबर तीन और चार पर एक साथ दो ट्रेने पहुंच गई. इस घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों में डर का माहौल छा गया. उनका कहना है कि इस भगदड़ के पीछे की मुख्य वजह डिस्प्ले बॉर्ड पर ट्रेन की गलत टाइमिंग दिखाना है.
गोरखपुर: यूपी में बुधवार का दिन गोरखपुर जंक्शन पर पहुंचे यात्रियों के लिए बेहद परेशानी भरा रहा. अचानक प्लेटफार्म नंबर 3 और 4 पर एक साथ 2 ट्रेन पहुंच गई. ट्रेनों के एक साथ पहुंचते ही स्टेशन पर अफरातफरी मच गई. हालात ऐसे बन गए कि पूर्वी फुटओवर ब्रिज (एफओबी) पर अचानक इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि लगभग आधे घंटे तक न यात्रियों को ऊपर चढ़ने की जगह मिली और न नीचे उतरने की.
टाइम शाम के लगभग 4:40 हुआ था, जब प्लेटफार्म नंबर चार पर मौर्य एक्सप्रेस रुकी और तभी यात्री उतरकर एफओबी से बाहर निकलने लगे. मगर तभी प्लेटफार्म नंबर 3 पर दरभंगा–दिल्ली क्लोन एक्सप्रेस आ पहुंची, जिससे वहां के हालात बिगड़ गए. दोनों तरफ से यात्रियों के आने-जाने की वजह से फुटओवर ब्रिज पर कदम रखने भर की जगह नहीं बची. बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग दम घुटने की आशंका से सहम गए. हालात देखते हुए कई यात्री मजबूरी में पटरियों पर उतरकर दूसरी ओर भागे. जिस वजह से कुछ लोग चोटिल भी हो गए. करीब आधे घंटे तक स्टेशन परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा.
डिस्प्ले बोर्ड ने और बढ़ाई भ्रम की स्थिति
मौके पर मय्जूद यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर लगे डिस्प्ले बोर्ड के चलते हालात बिगड़े है. प्लेटफार्म नंबर चार से 4:15 बजे रवाना हो चुकी गोरखपुर–बनारस इंटरसिटी का समय काफी देर तक स्क्रीन पर चलता रहा, जिससे यात्री समझ ही नहीं पा रहे थे कि कौन सी ट्रेन प्लेटफार्म पर है और कौन सी जा चुकी है. यात्री अक्सर डिस्प्ले बोर्ड की गलतफहमी के कारण परेशान रहते हैं.
मुख्य एफओबी बंद, सारा दबाव एक ब्रिज पर
स्टेशन का मुख्य बीच वाला फुटओवर ब्रिज लंबे समय से खराब होने के कारण बंद है, जिसकी वजह से पूरा भार केवल पूर्वी एफओबी पर आ गया है. इसी बीच अगर दो या तीन ट्रेनें एक साथ प्लेटफार्म पर लग जाएं, तो स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है. निर्माणाधीन नए एफओबी की रफ्तार भी बेहद धीमी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि काम की गति देखकर लगता नहीं कि आने वाले वर्षों में यह तैयार भी हो पाएगा. ऐसे में रेलवे की लापरवाही कभी भी बड़ा हादसा करा सकती है.
About the Author

न्यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें