गोरखपुर से दुबई गए युवाओं की बढ़ी मुश्किलें, जंग जैसे हाल में घर वापसी चुनौती

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गोरखपुर से दुबई गए युवाओं की बढ़ी मुश्किलें, जंग जैसे हाल में घर वापसी चुनौती


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गोरखपुर के कई युवा बेहतर भविष्य की तलाश में दुबई और अन्य गल्फ देशों में गए थे, लेकिन मौजूदा हालात ने उनकी वापसी को मुश्किल बना दिया है. युद्ध जैसे हालात और तनाव के कारण कई लोग घर लौटने को बेचैन हैं. परिवार वीडियो कॉल के जरिए ही उनसे जुड़ पा रहे हैं, लेकिन भावनात्मक दूरी लगातार बढ़ रही है.

गोरखपुर से दुबई और अन्य गल्फ देशों में रोजगार के लिए गए युवाओं की जिंदगी इन दिनों एक नई चुनौती से गुजर रही है. बेहतर भविष्य की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर गए ये लोग अब अपने ही घर लौटने के लिए बेचैन हैं. लेकिन मौजूदा हालात, खासकर गल्फ देशों में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने उनके कदम रोक दिए हैं.

दो साल पहले गए दुबई 

गोरखपुर शहर के चकसा हुसैन नगर के रहने वाले अजहरुद्दीन अंसारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. करीब दो साल पहले वह दुबई गए थे, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया, शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा अच्छी नौकरी, बेहतर सैलरी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं.

अजहरुद्दीन के परिवार वाले बताते हैं कि वह अब किसी भी तरह घर लौटना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा. उनके भाई ने ‘लोकल 18’ से बातचीत में बताया कि अगले महीने अजहरुद्दीन की सगाई तय है और पूरा परिवार उनकी राह देख रहा है.

वीडियो कॉल बना सहारा 

हर शाम घर में एक ही इंतजार होता है. अजहरुद्दीन का वीडियो कॉल मोबाइल स्क्रीन पर चेहरा तो दिख जाता है, लेकिन गले लगने की दूरी और अपनों का स्पर्श अब भी अधूरा है. बातचीत के दौरान अक्सर भावनाएं हावी हो जाती हैं. मां-बाप की आंखों में आंसू होते हैं और सवाल वही, बेटा कब आओगे.

यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है. गोरखपुर के कई ऐसे घर हैं जहां बेटे, भाई या पति गल्फ देशों में काम कर रहे हैं और परिवार उनसे मिलने को तरस रहा है. मौजूदा हालात ने उनके सपनों और हकीकत के बीच एक लंबी दूरी खड़ी कर दी है.

उम्मीद अब भी जिंदा है

परिवार वाले अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि हालात जल्द सुधरेंगे और उनके अपने घर लौट पाएंगे. अजहरुद्दीन के भाई कहते हैं, जैसे ही मौका मिलेगा, वो जरूर आएंगे. हम सब बस उसी दिन का इंतजार कर रहे हैं. वही गोरखपुर नहीं कई जगह की कहानी लगभग ऐसी ही है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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