चित्रकूट में 1.37 करोड़ से बन रहा मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय, बच्चों को मिलेगी प्राइवेट
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चित्रकूट के खोह क्षेत्र में करीब 1.37 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण तेजी से जारी है, जिसका लगभग 70% काम पूरा हो चुका है. कक्षा 1 से 8 तक संचालित होने वाले इस स्कूल में कंप्यूटर लैब, विज्ञान व गणित प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और समृद्ध लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. करीब 450 बच्चों के बैठने की व्यवस्था के साथ यह विद्यालय ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राइवेट स्कूल जैसी शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है.
चित्रकूट. जो कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े इलाकों में गिना जाता था, अब तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रहा है. बदलते समय के साथ यहां न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि सरकारी स्तर पर भी स्कूलों के कायाकल्प और नई सुविधाओं के विस्तार पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इसी कड़ी में चित्रकूट के खोह क्षेत्र के पास एक आधुनिक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है. जहां पढ़ने वालों बच्चों को प्राइवेट स्कूल की तर्ज में शिक्षा मिलेगी. बता दें कि, करीब 1.37 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस विद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है. इसकी बात यह है कि यह स्कूल कक्षा 1 से 8 तक संचालित होगा और यहां बच्चों को बिल्कुल प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. इससे आसपास के गांवों के बच्चों को अब शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. अब स्थानीय प्रशासन की पहल से शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीण इलाको में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.
इन विषयों की होगी लैब
वही इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि इस नए कंपोजिट विद्यालय में छात्रों को आधुनिक शिक्षा के सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. इसमें कंप्यूटर लैब, विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और समृद्ध लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. इसके अलावा बच्चों के लिए मिड-डे मील शेड के साथ अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
450 बच्चों के बैठने की सुविधा
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि इस विद्यालय का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि स्कूल में चार कंप्यूटर लैब, साइंस और मैथ लैब, स्मार्ट क्लासरूम, गार्ड रूम और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी, एक साथ करीब 450 बच्चों के बैठकर पढ़ने की व्यवस्था भी की जा रही है. उनका मानना है कि इस विद्यालय के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और ग्राफ दोनों तेजी से ऊपर उठेंगे.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें