जब दूल्हा सरकार बने भोलेनाथ, बाराती बने अयोध्या वासी, दिखा ऐसा दृश्य हर कोई भाव विभोर
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Ayodhya Latest News: अयोध्या की पावन धरती पर आज भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला रामनगरी में भगवान शिव की भव्य बारात धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई. पूरा नगर “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा.
प्रभु राम की नगरी अयोध्या की सड़कों पर आज भोलेनाथ दूल्हे सरकार बन माता पार्वती को ब्याहने निकले. राम की नगरी अयोध्या भगवान शंकर के बारात में शामिल हुई. इतना ही नहीं सभी गढ़ भी नजर आए श्रद्धालु भी इस दृश्य को देखकर भाव विभोर नजर आए. रामनगरी अयोध्या में धूमधाम के साथ भोलेनाथ शंकर की बारात निकली तो हर तरफ बम बम भोले की गूंज सुनाई दी

ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए. हजारों की संख्या में भक्त इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने और शिव-पार्वती विवाह उत्सव में शामिल हुए परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित सिद्ध पीठ नागेश्वर नाथ मंदिर से भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई.

मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था. वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बारात का शुभारंभ हुआ. नगर भ्रमण करते हुए यह भव्य शोभायात्रा सिद्ध पीठ क्षीरेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंचे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया गया. भव्य झांकियां, भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की प्रस्तुति और पारंपरिक कलाकारों के प्रदर्शन ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया.
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महिलाएं मंगलगीत गाती नजर आईं, वहीं युवा भक्त शिव भक्ति में लीन होकर नृत्य करते रहे शिव बारात के अवसर पर हल्दी चढ़ाने और घुड़चढ़ी की परंपरा का भी विधिवत निर्वहन किया गया. सजे-धजे घोड़े पर विराजमान भगवान भोलेनाथ की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही. पूरी रात माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह का कार्यक्रम चलेगा.

नागेश्वर नाथ मंदिर परिसर में वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराया जाएगा, जिसमें विद्वान आचार्य मंत्रोच्चार के साथ सभी अनुष्ठान पूर्ण करेंगे क्षीरेश्वर नाथ मंदिर पहुंचने पर बारात का भव्य स्वागत किया गया मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई है कल कलेवा की रस्म के साथ भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे. भगवान श्रीराम की नगरी आज शिवमय हो उठी है. हर ओर भक्ति की गूंज और उल्लास का वातावरण है शिव-पार्वती विवाह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है. रामनगरी में निकली यह शिव बारात श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत उदाहरण बन गई.