जाम की समस्या पर लगेगी लगाम, सुधरेगा गाजियाबाद का ट्रैफिक, 500 ट्रैफिक मित्र करेंगे पुलिस की मदद
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Ghaziabad News: गाजियाबाद में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नई पहल शुरू की है. जनसहभागिता के तहत जिले में 500 ट्रैफिक मित्र तैयार किए जाएंगे, जो ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यातायात व्यवस्था सुधारने में सहयोग करेंगे. स्थानीय स्तर पर चुने गए ट्रैफिक मित्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे जाम की स्थिति पर समय रहते नियंत्रण किया जा सकेगा और सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी.
Ghaziabad News: गाजियाबाद में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगने वाले जाम से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. प्रमुख सड़कों और चौराहों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लगने से लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इन हालात को देखते हुए गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है.
इस पहल के तहत जनसहभागिता के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा. इसी क्रम में जिले में 500 ट्रैफिक मित्र तैयार किए जाएंगे, जो ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सड़कों पर व्यवस्था सुधारने में अहम भूमिका निभाएंगे. पहले चरण में गाजियाबाद के विभिन्न क्षेत्रों से 500 ट्रैफिक मित्रों का चयन किया जाएगा. ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ट्रैफिक मित्र ऐसे नागरिक होंगे जो अपने क्षेत्र में स्थायी रूप से निवास करते हों और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हों. स्थानीय निवासी होने के कारण ये लोग अपने इलाके के प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की समस्याओं को बेहतर तरीके से जानते हैं, जो ट्रैफिक पुलिस के लिए जाम से निपटने में उपयोगी साबित होगा.
दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी ट्रैफिक मित्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण में ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, आम जनता से समन्वय, मेडिकल इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस सेवा से संपर्क और घायल व्यक्तियों की सहायता से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाएगी.
ट्रैफिक पुलिस को सूचना देंगे ट्रैफिक मित्र
ट्रैफिक मित्रों की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहेगी. यदि किसी क्षेत्र में अचानक जाम की स्थिति बनती है, अवैध पार्किंग से सड़क संकरी हो जाती है या किसी विशेष समय पर ट्रैफिक दबाव असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो ट्रैफिक मित्र तुरंत इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को देंगे. इससे पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सकेगी और जाम की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकेगा.
क्या कहा डीसीपी ट्रैफिक ने
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि जनसहभागिता से ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. जनवरी के दूसरे सप्ताह से चयनित ट्रैफिक मित्र सड़कों पर सक्रिय रूप से नजर आएंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने में योगदान देंगे. उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक मित्रों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें