जिस गाय के दूध का 70 लोगों ने पिया चरणामृत… उसे हुआ कुछ ऐसा! सब भागने लगे अस्पताल

0
जिस गाय के दूध का 70 लोगों ने पिया चरणामृत… उसे हुआ कुछ ऐसा! सब भागने लगे अस्पताल


Last Updated:

Gorakhpur News : गोरखपुर के रामडीह गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो महीने पहले कुत्ते के काटे जाने वाली गाय की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. आशंका जताई गई कि उसे रेबीज था और इसी गाय के दूध से बना चरनामृत हाल ही में करीब 70 लोगों ने ग्रहण किया था. खबर फैलते ही लोग घबराकर अस्पताल पहुंचने लगे.

गोरखपुर : गोरखपुर के सिकरीगंज क्षेत्र स्थित रामडीह गांव में एक गाय की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है. गौरतलब है कि 2 महीने पहले कुत्ते के काटने के बाद शनिवार रात गाय की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई. पशु चिकित्सक की प्रारंभिक जांच में गाय में रेबीज होने की आशंका जताई गई है. ग्रामीणों की चिंता इसलिए बढ़ गई क्योंकि इसी गाय के दूध से बना चरणामृत हाल ही में करीब 70 लोगों ने सेवन किया था.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. जे.पी. त्रिपाठी ने बताया कि यदि किसी गाय में रेबीज जैसे लक्षण दिखें, तो उसके दूध का सेवन करने वाले लोगों को तत्काल रेबीज का टीका लगवाना आवश्यक है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जिस कुत्ते ने गाय को काटा था, वह स्वयं स्वस्थ है, तो संक्रमण की पुष्टि नहीं होती, लेकिन एहतियात बरतना बेहद जरूरी है.

70 से अधिक लोग पहुंचे टीकाकरण के लिए
गांव में आयोजित शिवचर्चा और भागवत कथा में इसी गाय के दूध से बना चरणामृत बांटा गया था. आयोजकों के अनुसार राघू गौड़ और सोनू विश्वकर्मा के घर आयोजित कथा में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया था. डर के कारण शनिवार को करीब 70 लोग पीएचसी उरुवा पहुंचे, जहां सभी को रेबीज का टीका लगाया गया. गुरुवार तक यह संख्या 100 से अधिक हो चुकी है.

डॉक्टर ने जताई रेबीज की आशंका
ग्राम प्रधान अनिल गौड़ ने बताया कि 2 माह पहले धर्मेंद्र की गाय को एक कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उस समय इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज कर दिया गया. शुक्रवार को अचानक गाय ने खाना छोड़ दिया और कुत्ते जैसी हरकतें करने लगी. उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां रेबीज की आशंका जताई गई. हालांकि जांच में यह पाया गया कि कुत्ता अभी भी पूरी तरह स्वस्थ है. इसके बावजूद प्रसाद वितरण और गाय की मौत को देखते हुए डॉक्टरों ने किसी भी तरह का जोखिम न लेने की सलाह दी है.

क्या लोगों पर मंडरा रहा खतरा?
गोरखपुर के पशु चिकित्सक डॉक्टर वर्मा का कहना है कि कच्चा दूध सेवन करने से थोड़ा बहुत खतरा हो सकता है, लेकिन यदि लोगों ने समय रहते रेबीज का टीका ले लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. साथ ही यदि दूध को उबालकर उपयोग किया गया था, तो उसमें मौजूद संभावित वायरस नष्ट हो जाते हैं.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homeuttar-pradesh

जिस गाय के दूध का 70 लोगों ने पिया चरणामृत… उसे हुआ कुछ ऐसा!



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *