जेल में ही रहेंगे माफिया अतीक अहमद के बहनोई, वकील, ड्राइवर और नौकर, बेल ख़ारिज

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जेल में ही रहेंगे माफिया अतीक अहमद के बहनोई, वकील, ड्राइवर और नौकर, बेल ख़ारिज


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Prayagraj News: प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े चार आरोपियों की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी. माफिया अतीक अहमद के बहनोई अखलाक अहमद, वकील विजय मिश्रा, ड्राइवर मोहम्मद कैफ और नौकर नियाज अब जेल में ही रहेंगे. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के बहनोई, वकील, ड्राइवर और नौकर को नहीं दी राहत
प्रयागराज. उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े चार प्रमुख आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. जस्टिस शेखर कुमार यादव की सिंगल बेंच ने माफिया अतीक अहमद के बहनोई अखलाक अहमद, उनके वकील विजय मिश्रा, ड्राइवर मोहम्मद कैफ और नौकर नियाज की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट ने 29 अक्टूबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जो गुरुवार को सुनाया गया. सभी आरोपी जेल में बंद हैं और अब उनकी रिहाई की राह और मुश्किल हो गई है.

यह फैसला 24 फरवरी 2023 को हुई सनसनीखेज हत्याकांड की जांच को नई दिशा दे सकता है. उसी दिन अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर संदीप निषाद व राघवेंद्र सिंह पर गोलीबारी और बम हमले के जरिए हत्या कर दी गई थी. घटना धूमनगंज थाना क्षेत्र के लवकुश नगर में हुई, जहां हमलावरों ने बाइक सवार तीन शूटरों के रूप में हमला बोला. हमले के अगले दिन उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें अतीक अहमद, उनके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, बेटों उमर व अली समेत कई नामजद थे.

चारों पर साजिश का आरोप

चारों आरोपी इस साजिश में सहयोगी के रूप में नामित हैं. अखलाक अहमद पर आरोप है कि उन्होंने शूटरों को पनाह दिया, जबकि विजय मिश्रा को सूचना देने और साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है. मोहम्मद कैफ (काइश उर्फ कैफ) अतीक परिवार का ड्राइवर था, जिसने लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया, और नियाज (नियाज अहमद) नौकर के तौर पर सहायता में शामिल रहा. चारों के वकीलों ने जमानत पर बहस में तर्क दिया कि वे FIR में नामजद नहीं थे, केवल जांच में नाम सामने आया, और कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है. लेकिन अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट के सबूतों-जैसे कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और गवाह बयान-का हवाला देकर साजिश को सिद्ध किया.

हाईकोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अनुचित होगी, क्योंकि आरोपी रिहा होने पर जांच प्रभावित हो सकती है. जस्टिस यादव ने यह भी उल्लेख किया कि अतीक गैंग की साजिश में इनकी भूमिका गंभीर है, और समाज के लिए खतरा बने रहेंगे. उमेश पाल हत्याकांड राजू पाल मर्डर केस (2005) से जुड़ा था, जहां उमेश प्रमुख गवाह थे. इस हत्याकांड में अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि शाइस्ता परवीन, गुड्डू मुस्लिम समेत सात फरार हैं. एसआईटी जांच जारी है, और हाल ही में अतीक के बेटों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल हुई.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार… और पढ़ें

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