जौनपुर के इको-फ्रेंडली दीयों की विदेशों में डिमांड, यहां जानिए क्यों है खास

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जौनपुर के इको-फ्रेंडली दीयों की विदेशों में डिमांड, यहां जानिए क्यों है खास


जौनपुर: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल सामने आ रही है. यहां की महिलाएं देशी गाय के गोबर से आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल दीये तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचने लगी है. यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार दे रही है, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही है.

दीये पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस कार्य को बड़े स्तर पर कर रही हैं. उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे ये दीये पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल हैं, इसलिए इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है.”

क्या है प्रोसेस

महिलाएं पहले देशी गाय के गोबर को एकत्रित करती हैं, फिर उसे विशेष प्रक्रिया के तहत सुखाकर दीयों का आकार देती हैं. इसके बाद इन दीयों को सजाया जाता है ताकि वे बाजार में आकर्षक दिखें. खास बात यह है कि ये दीये जलने के बाद भी वातावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कुछ हद तक शुद्ध करने का काम करते हैं.

इस कार्य से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन अब उन्हें अपने हुनर के दम पर पहचान मिल रही है. इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दे रही हैं. कई महिलाएं महीने में हजारों रुपये तक की आमदनी कर रही हैं.

विदेशों तक होती है सप्लाई

एनआरएलएम की मदद से इन उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और निर्यात के माध्यम से इन दीयों को विदेशों तक भेजने की योजना बनाई गई है. दीपावली जैसे त्योहारों पर इन दीयों की मांग और भी बढ़ जाती है, जिससे महिलाओं को अतिरिक्त लाभ मिलता है.

ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण

यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक बेहतरीन उदाहरण बन रही है. जौनपुर की ये महिलाएं अब अपने हुनर से देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं.



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