तो केरोसिन का होगा कमबैक? तेल कंपिनयों का क्या है बैकअप प्लान, अगर हालात और हो गए खराब
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LPG Cylinder Crisis: अगले 10-12 दिनों में एलपीजी की अस्थायी कमी की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मौजूद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने घरों में खाना पकाने के फ्यूल की व्यवस्था करने के लिए इमरजेंसी उपाय तैयार करना शुरू कर दिया है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह कदम महज एहतियात के तौर पर है.
ईरान-इजराइल के जंग के कारण भारत में गहराया हुआ है एलजीपी गैस सिलेंडर का संकट.
लखनऊः ईरान-इजराइल के बीच हो रही जंग के कारण भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर संकट गहराता जा रहा है. आलम यह है कि गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं. लोग सुबह-सुबह गैस सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो जा रहे हैं. फिर भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. इस बीच अगले 10-12 दिनों में एलपीजी की अस्थायी कमी की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मौजूद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने घरों में खाना पकाने के फ्यूल की व्यवस्था करने के लिए इमरजेंसी उपाय तैयार करना शुरू कर दिया है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह कदम महज एहतियात के तौर पर है और सबसे खराब स्थिति से निपटने के लिए है उठाया जा रहा है.
क्या केरोसिन बनेगा एलपीजी सिलेंडर का ऑप्शन
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि ओएमसी के अधिकारियों के मुताबिक प्लानिंग में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या केरोसिन तेल एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत होने पर एक इमरजेंसी ऑप्शन बन सकता है कि नहीं. एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा, “हम एहतियाती उपाय तैयार कर रहे हैं ताकि एलपीजी की कमी होने पर भी उपभोक्ताओं के पास घरेलू उपयोग के लिए ईंधन उपलब्ध रहे.”
यूपी 2020 में केरोसिन मुक्त राज्य हुआ था घोषित
बता दें कि उत्तर प्रदेश को 2020 में ‘केरोसिन-मुक्त’ राज्य घोषित किया गया था. जिसके तहत सूबे में केरोसिन तेल बांटना बंद हो गया. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संसदीय प्रतिक्रियाओं और पीपीएसी रिपोर्टों के माध्यम से पता चलता है कि तब से राज्य को केरोसिन आवंटन में भारी गिरावट आई है. उत्तर प्रदेश को 2020-21 में लगभग 43,152 किलोलीटर पीडीएस केरोसिन प्राप्त हुआ, जो 2021-22 में घटकर 15,132 किलोलीटर रह गया. वहीं 2022-23 में और घटकर मात्र 55 किलोलीटर रह गया और 2023-24 से शून्य हो गया.
बुकिंग सीमा लागू होने के बाद एलपीजी की मांग में 24 फीसदी की कमी
सामान्य दिनों में उत्तर प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की मांग 10 लाख होती है, जिसके मुकाबले ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) 9.8 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं. मंगलवार को, 25 दिनों की बुकिंग सीमा लागू होने के बाद राज्य में 7.6 लाख सिलेंडरों की मांग दर्ज की गई, जिसके मुकाबले ओएमसी ने 6.9 लाख सिलेंडर उपलब्ध कराए. ओएमसी ने उत्तर प्रदेश में सामान्य ईंधन और एलपीजी आपूर्ति का आश्वासन दिया है.
क्या बोलीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियां
उत्तर प्रदेश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ रही टेंशन के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक बार फिर उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि पेट्रोलियम उत्पाद पूरे राज्य में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. ओएमसी का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की आपूर्ति सामान्य रूप से हो रही है और कहीं भी कोई कमी नहीं है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में लगभग 4.85 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सुचारू रूप से काम कर रहे हैं. चिंता की कोई बात नहीं है और लोगों से आग्रह है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से ईंधन या एलपीजी सिलेंडर जमा न करें.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें