त्योहारों में नकली मिठाई से रहें सावधान, मावा और पनीर असली है या नकली? ऐसे करें पहचान

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त्योहारों में नकली मिठाई से रहें सावधान, मावा और पनीर असली है या नकली? ऐसे करें पहचान


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त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मावा और पनीर में मिलावट के मामले सामने आते हैं. खाद्य विभाग के अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया कि मावे में आमतौर पर स्टार्च और रिफाइंड तेल की मिलावट होती है, जबकि पनीर में मिल्क पाउडर और तेल मिलाया जाता है. असली मावा और पनीर की पहचान हाथ से रगड़ने, आयोडीन टेस्ट और स्पंजी बनावट से की जा सकती है. मिलावटी सामान की शिकायत के लिए 18001805535 पर कॉल करें या स्थानीय खाद्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें.

त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती है और घर-घर मावा व पनीर से बनी स्वादिष्ट चीजें तैयार होने लगती हैं, लेकिन इसी भीड़ और बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं. ऐसे में खुशियों का स्वाद कड़वा न हो जाए इसके लिए जरूरी है कि खरीदारी करते समय थोड़ी सतर्कता बरती जाए. आखिर असली और नकली मावा-पनीर की पहचान कैसे करें? बाजार में क्या सावधानियां रखें? खाद्य विभाग ने आम लोगों को कुछ आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं.

मावा और पनीर को कैसे पहचानें
खाद्य विभाग के अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया कि त्योहारों के दिनों में मावा और पनीर की खपत कई गुना बढ़ जाती है. इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावट करते हैं.  विभाग की टीमें लगातार बाजारों में छापेमारी और सैंपलिंग कर रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहना जरूरी है. बाजार में मिलने वाले मावे में आमतौर पर दो तरह की मिलावट पाई जाती है. रिफाइंड तेल और स्टार्च. असली मावे में पर्याप्त फैट होता है. जब आप मावा हाथ में लेकर उंगलियों के बीच रगड़ते हैं तो वह हल्का चिकना महसूस होता है. अगर मावा रगड़ने पर सूखा लगे और उंगलियां ड्राई हो जाएं तो समझिए उसमें फैट की कमी है और मिलावट की आशंका हो सकती है. स्टार्च की मिलावट जांचने का तरीका भी आसान है. मेडिकल स्टोर से आयोडीन की शीशी लाकर मावे पर दो बूंद डालें. अगर मावा नीला या गहरा रंग पकड़ ले तो उसमें स्टार्च मिला हो सकता है. ऐसा मावा सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.  रिफाइंड की मिलावट स्वाद से भी पहचानी जा सकती है. आम लोग घी और रिफाइंड के स्वाद में फर्क महसूस कर सकते हैं. मावे का छोटा सा टुकड़ा चखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

पनीर में भी मिलावट के मामले सामने आते हैं. कुछ लोग मिल्क पाउडर और रिफाइंड तेल मिलाकर नकली पनीर तैयार करते हैं. असली पनीर को उंगलियों पर रगड़ने से हल्की चिकनाहट महसूस होती है. अगर पनीर सूखा लगे या स्वाद में अजीब लगे तो सतर्क हो जाएं. पनीर में भी स्टार्च के मिलावट के लिए आयोडीन की दो बूंद डालकर पता लगा सकते है. पनीर खरीदते समय एक और आसान तरीका अपनाएं. पनीर को हल्के से दबाएं अगर वह स्पंजी होकर वापस अपनी शेप में आ जाए तो समझिए ताजा है. बहुत ज्यादा सख्त या रबड़ जैसा पनीर मिलावटी हो सकता है. पनीर को पानी में डालें असली पनीर जल्दी नहीं घुलता और अपनी बनावट बनाए रखता है.

मिलावटी सामान की शिकायत कैसे करें
खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक रंगीन मिठाइयों से बचें. मिठाइयों पर लगे चांदी के वर्क को हाथ से रगड़कर देखें. अगर वह गेंद की तरह सिकुड़ जाए तो संभव है कि वह एल्युमिनियम वर्क हो. असली चांदी का वर्क रगड़ने पर आसानी से टूट जाता है. खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर कहीं मिलावटी सामान की शिकायत मिले तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 18001805535 पर सूचना दें या कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य विभाग कार्यालय में संपर्क करें. जिला प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें



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