दिन में गर्मी, सुबह-शाम सर्दी, सेहत पर पड़ रहा डबल अटैक, डॉक्टर ने बताई असली वजह
सुल्तानपुर : इस समय सर्दी का मौसम चल रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार निकल रही तेज धूप ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है. दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के कारण शरीर तापमान के इस उतार-चढ़ाव को झेल नहीं पा रहा है. नतीजतन जुकाम, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और विशेषज्ञों की सलाह को अपनाएं.
मौसम में बदलाव बना सेहत की परेशानी की वजह
लगातार बदलते मौसम ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर डाला है. दिन में तेज धूप निकलने से तापमान बढ़ रहा है, जबकि सुबह और शाम ठंडी हवाएं चल रही हैं. इस सर्द और गर्म के मेल से शरीर संतुलन नहीं बना पा रहा है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है. खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं.
आयुर्वेद विशेषज्ञ ने बताई असली वजह
मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार सर्दी के मौसम में समय से पहले तेज धूप निकलने लगी है. इससे तापमान में अचानक वृद्धि हो रही है. लोग दिन में गर्मी महसूस कर सर्द कपड़े उतार देते हैं, लेकिन सुबह और शाम ठंड बढ़ने से शरीर को ठंड लग जाती है. यही लापरवाही जुकाम और बुखार का बड़ा कारण बन रही है.
कपड़ों को लेकर न करें लापरवाही
डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अभी सर्दी पूरी तरह गई नहीं है. ऐसे में थोड़ी धूप देखकर कपड़ों में ढील देना नुकसानदायक हो सकता है. जब तक लगातार कई दिनों तक मौसम पूरी तरह गर्म न हो जाए, तब तक सर्द कपड़ों का इस्तेमाल बंद नहीं करना चाहिए. खासतौर पर सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनना बेहद जरूरी है.
आयुर्वेदिक उपाय से मिलेगी राहत
अगर सर्दी के इस मौसम में जुकाम और बुखार परेशान कर रहा है, तो आयुर्वेदिक उपाय काफी कारगर साबित हो सकते हैं. काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली को बराबर मात्रा में लेकर मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को चाय या काढ़े के रूप में सुबह और शाम 5 से 6 दिन तक सेवन करें. इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है.
शहद के साथ सेवन से बढ़ेगा असर
डॉक्टरों के अनुसार, अगर इस आयुर्वेदिक पाउडर को शहद के साथ लिया जाए तो इसका असर और भी तेज हो जाता है. शहद में मौजूद औषधीय गुण शरीर को गर्मी देते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. इससे गले की खराश, नाक बहना और हल्का बुखार जैसी समस्याएं जल्दी ठीक होती हैं.
गिलोय और अदरक भी हैं फायदेमंद
इन उपायों के अलावा गिलोय का रस हल्के गुनगुने पानी के साथ पीने से भी जुकाम और बुखार में काफी आराम मिलता है. गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. वहीं अदरक का रस सर्दी-जुकाम में बेहद लाभकारी माना जाता है. यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और वायरल संक्रमण से बचाता है.
बिना साइड इफेक्ट के सुरक्षित इलाज
आयुर्वेदिक उपायों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनसे शरीर पर किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं पड़ता. ये प्राकृतिक तरीके से शरीर को मजबूत बनाते हैं और मौसम के बदलाव से होने वाली बीमारियों से बचाव करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान, पर्याप्त पानी और मौसम के अनुसार कपड़े पहनकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.
सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव
तेज धूप और ठंड के इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है. ऐसे में जरूरी है कि लोग अपनी दिनचर्या में सावधानी रखें, गर्म कपड़ों का सही इस्तेमाल करें और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर अपनी सेहत का ध्यान रखें. यही तरीका जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं से बचने में सबसे कारगर साबित होगा.