दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे की जमीनी हकीकत.. ट्रायल रन शुरू, लेकिन सहारनपुर में अब भी अधूरा काम.. देखें ग्राउंड रिपोर्ट
सहारनपुर: देश के अत्याधुनिक हाईवे प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. 01 दिसंबर 2025 से इसका ट्रायल रन शुरू हो गया है और वाहन बिना किसी रोक-टोक के इस पर दौड़ना शुरू कर चुके हैं. लेकिन बागपत से आगे सहारनपुर क्षेत्र में हाईवे की वास्तविक स्थिति क्या है, कितना काम पूरा हुआ है और कितना अधूरा है-इसकी ग्राउंड रिपोर्ट आप तक पहुंचा रहे हैं.
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक 210 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली-देहरादून के सफर को बेहद तेजी से पूरा करना है. 26 फरवरी 2021 को नितिन गडकरी ने इसकी नींव रखी थी और इसके कुछ महीनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2021 को इसका शिलान्यास किया था. परियोजना को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन काम में लगातार देरी होती चली गई.
2025 के आखिरी महीनों में प्रवेश कर चुके हैं, फिर भी एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है. हालांकि, दिल्ली से बागपत तक का हिस्सा ट्रायल के तौर पर खोला जा चुका है.
सहारनपुर में निर्माण कार्य तेज, कई हिस्सों में काम जारी
बागपत से आगे सहारनपुर में अभी भी कई स्थानों पर कार्य अधूरा है. जहां-जहां निर्माण बाकी है, वहां मशीनें लगातार काम कर रही हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल की फरवरी में यह पूरा कॉरिडोर जनता के लिए खोल दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी तय करने में केवल ढाई घंटे लगेंगे, जो मौजूदा समय की तुलना में काफी कम है.
दिल्ली से सहारनपुर-देहरादून आने वाले लोगों को इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से काफी तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा. रफ्तार की बात करें तो इस एक्सप्रेसवे पर 100 किमी प्रति घंटा गति निर्धारित की गई है. छह लेन वाले इस आधुनिक हाईवे में सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी कई हाईटेक व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं. सहारनपुर क्षेत्र में दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक शेष कार्य पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद इसे ट्रायल के लिए खोला जा सकता है.
ऊंचे पहाड़ काटकर तैयार एलिवेटेड हाईवे
सहारनपुर के गणेशपुर पहाड़ी क्षेत्र में तैयार किया गया एलिवेटेड हाईवे पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन फिलहाल इस पर वाहनों के चलने पर रोक है. हादसे रोकने के लिए दोपहिया वाहनों के लिए अलग से ऊपरी क्रॉसिंग लाइन बनाई गई है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आ सके. अक्षरधाम से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे पर तीन से अधिक टोल प्लाज़ा बनाए गए हैं, जो पूर्ण संचालन के लिए तैयार हैं.
देहरादून में प्रवेश से पहले टोल शुल्क भरना अनिवार्य होगा. एक्सप्रेसवे के चालू होने से न सिर्फ दिल्ली-देहरादून यात्रा आसान होगी, बल्कि दोनों शहरों के बीच व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आसपास के जिलों से आवागमन भी नई गति पकड़ेगा.