दिसंबर तक तैयार होगा नया मणिकर्णिका, सामने आया पूरा मॉडल, देखिए तस्वीरें
Last Updated:
काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की पहचान अब सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं रहने वाली है. सदियों पुराने इस घाट की तस्वीर जल्द ही बदलने जा रही है. तेजी से चल रहे पुनर्निर्माण कार्य के बीच नए मणिकर्णिका घाट का मॉडल भी सामने आ चुका है, जिसने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. सवाल यही है कि आखिर नया मणिकर्णिका घाट कैसा दिखेगा और इसमें शवयात्रियों के लिए कौन-कौन सी खास सुविधाएं होंगी?
17.56 करोड़ रुपये की लागत से महाश्मशान मणिकर्णिका घाट को नया रूप दिया जा रहा है. वर्तमान में पुरानी सीढ़ियों पर स्ट्रेचर के समतलीकरण का कार्य चल रहा है. नए मणिकर्णिका घाट पर व्यूइंग गैलरी, रैंप और यात्रियों के बैठने की व्यवस्था सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

इसके अलावा घाट पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही वेटिंग रूम, शौचालय, पेयजल, वेडिंग ज़ोन और लकड़ी के भंडारण के लिए विशेष इंतज़ाम होंगे. घाट के आसपास गंदगी से निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को भी दुरुस्त किया जाएगा, ताकि सीवेज का पानी गलियों में बहता नजर न आए.

नए मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट के तहत कुल 18 शवदाह संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा. इनमें 10 दाह संरचनाओं की मरम्मत की जाएगी, जबकि 8 नई दाह संरचनाएं बनाई जाएंगी.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इन शवदाह संरचनाओं पर कम लकड़ी का उपयोग करते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को पूर्ण शास्त्रीय विधि-विधान से संपन्न किया जा सकेगा. इससे प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. सभी शवदाह स्थल एलिवेटेड होंगे.

इस प्रोजेक्ट के तहत मणिकर्णिका घाट पर स्थित प्राचीन मंदिरों का भी संरक्षण किया जाएगा. डीएम सतेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत विष्णुपादुका, दत्तात्रेय पादुका, मणिकर्णिका कुंड सहित वहां स्थित अन्य मंदिरों का संरक्षण किया जाएगा, जिससे काशी के सनातन स्वरूप की झलक यहां देखने को मिलेगी.

बताते चलें कि रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी. परियोजना पूरी होने के बाद यहां प्रतिदिन 100 से 150 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा.

इसके अलावा महाश्मशान घाट पर डोमराजा परिवार से जुड़े लोगों को भी बेहतर और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. गौरतलब है कि काशी में सदियों से डोमराजा परिवार से जुड़े लोग ही महाश्मशान घाट पर मुखाग्नि देते आ रहे हैं.

काशी के मणिकर्णिका घाट पर इस प्रोजेक्ट को लेकर बीते दिनों हंगामा भी हुआ था. हालांकि अब योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि मणिकर्णिका घाट के विकास के दौरान किसी भी धार्मिक स्थल या ऐतिहासिक धरोहर को नहीं हटाया जाएगा, बल्कि सरकार सभी का संरक्षण करेगी.