दुनियाभर में फेमस हैं मेरठ के बल्ले, खास तरीके से होते हैं तैयार, बनाने के होते हैं ये नियम
Last Updated:
Meerut Cricket Bat: मेरठ स्पोर्ट्स सिटी के तौर पर विश्व में अपनी एक विशेष पहचान रखता है. मेरठ में तैयार होने वाले क्रिकेट बैट से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी विभिन्न क्रिकेट मैच में खेलते हुए दिखाई देते हैं. क्योंकि मेरठ में सभी क्रिकेट बैट राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक के अनुरूप ही तैयार होते हैं.
इन नियमों के अंतर्गत तैयार होता है क्रिकेट बैट
अनुज कुमार सिंघल ने लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए बताया कि मेरठ में जो भी क्रिकेट बैट तैयार किए जाते हैं वह सभी बल्ले राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ही तैयार होते हैं. उन्होंने बताया कि बैट की कुल लंबाई 38 सेमी, चौड़ाई 10.8 सेंटीमीटर 4.25 इंच एवं गहराई की अगर बात करें तो 6.7 सेंटीमीटर अर्थात 2.64 इंच से ज्यादा नहीं होती है. इसी के साथ बल्ले की किनारों की मोटाई का भी बेहद खास ध्यान रखना पड़ता है. जिसके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार 4 सेमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बताया वजन की अगर बात की जाए तो 1100 से लेकर 1200 ग्राम तक का बैट तैयार किया जाता है. जिसके माध्यम से खिलाड़ी आपको विभिन्न मैच में चौंके छक्के के साथ रनों की बरसात करते हुए दिखाई देते हैं.
इस विलो का होता है उपयोग
अनुज कुमार सिंघल बताते हैं यूं तो घरेलू क्रिकेट के तौर पर कश्मीरी विलो एवं अन्य विलो से बैट तैयार किए जाते हैं. लेकिन जब राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंट की बात की जाती है. तो उसमें भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी खिलाड़ी इंग्लिश विलो के बैट से खेलना काफी अच्छा समझते हैं. क्योंकि इस विलो बैट के माध्यम से बड़े स्ट्रोक लगाने में खिलाड़ियों को काफी मदद मिलती है.
बताते चलें कि मेरठ में क्वालिटी और मानकों का काफी ध्यान रखा जाता है. यही वजह है कि मेरठ की स्पोर्ट्स सामग्री की डिमांड विश्व में काफी देखने को मिलती है. यहां की नामचीन कंपनियों के बल्ले से आपको राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय के खिलाड़ी खेलते हुए दिखाई देंगे. जिसका नजारा वूमेन वर्ल्ड कप के दौरान भी देखने को मिला था.
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल… और पढ़ें