दुनिया के टॉप ब्रॉन्ड को टक्कर देंगी भारत में बनीं चॉकलेट, IIT कानपुर ने बनाया ऐसा प्लान

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दुनिया के टॉप ब्रॉन्ड को टक्कर देंगी भारत में बनीं चॉकलेट, IIT कानपुर ने बनाया ऐसा प्लान


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Kanpur ki local news : IIT कानपुर की यह पहल सिर्फ चॉकलेट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को जोड़कर एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है. भारत में कोको की खेती मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में की जाती है. इनमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश प्रमुख हैं. अच्छी क्वालिटी का कोको ही आगे चलकर प्रीमियम चॉकलेट बनाने में काम आता है. IIT कानपुर इसमें किसानों की मदद करेगा. इसका एक बड़ा हिस्सा प्रोसेसिंग को सुधारना भी है.

कानपुर. देश में चॉकलेट की बढ़ती मांग के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है. IIT कानपुर की पहल से भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की चॉकलेट तैयार करने की दिशा में काम शुरू हो गया है. इस प्रोजेक्ट को संस्थान की इनक्यूबेटर कंपनी के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसकी अगुवाई अर्चना कर रही हैं. उनका फोकस पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, यानी खेत से लेकर तैयार चॉकलेट तक हर स्टेज को बेहतर बनाना. भारत में कोको (Cocoa) की खेती मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में की जाती है. इनमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश प्रमुख हैं. तेलंगाना और ओडिशा में भी धीरे-धीरे इसकी खेती बढ़ रही है. इन राज्यों में ज्यादातर किसान नारियल और सुपारी के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में कोको उगाते हैं. लेकिन अभी तक सही तकनीक और मार्गदर्शन की कमी के कारण उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित होते रहे हैं. यही वजह है कि भारत में चॉकलेट इंडस्ट्री को अक्सर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है.

कैसे होगा सुधार

आईआईटी कानपुर की टीम किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही हैं. कानपुर की अर्चना के नेतृत्व में IoT आधारित डिवाइसेज विकसित किए जा रहे हैं, जो खेतों में तापमान, नमी और मिट्टी की स्थिति पर नजर रखते हैं. लोकल 18 से अर्चना कहती हैं कि इससे किसानों को सही समय पर सही जानकारी मिलती है, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. अच्छी क्वालिटी का कोको ही आगे चलकर प्रीमियम चॉकलेट बनाने में काम आता है.

इस पहल का एक बड़ा हिस्सा प्रोसेसिंग को सुधारना भी है. अक्सर किसान कोको उगाते तो हैं, लेकिन बीन्स की सही तरह से फर्मेंटेशन और ड्राइंग नहीं हो पाती, जिससे क्वालिटी गिर जाती है. आईआईटी कानपुर की इनक्यूबेटर टीम किसानों और छोटे उद्यमियों को ट्रेनिंग दे रही है. उन्हें बताया जा रहा है कि किस तरह वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग करके इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की चॉकलेट तैयार की जा सकती है.

ये दो चीज स्पेशल

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास बड़ा बाजार और अनुकूल जलवायु दोनों हैं. अगर खेती और प्रोसेसिंग में सुधार होता है, तो भारत न सिर्फ अपनी जरूरत पूरी कर सकता है, बल्कि एक्सपोर्ट में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है. इस पहल से किसानों की आय बढ़ेगी, स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. अर्चना की अगुवाई में यह प्रोजेक्ट अगर सफल होता है, तो आने वाले समय में “मेड इन इंडिया” चॉकलेट दुनिया के बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे सकती है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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