देसी घी, ड्राई फ्रूट्स और शाही स्वाद! रामपुर का पपड़ी हलवा 100 सालों से लोगों की ज़ुबां पर कर रहा है राज
Rampur Papdi Halwa Winter Sweet: रामपुर अपनी तहज़ीब और इतिहास के साथ-साथ नवाबी रसोई के खास स्वादों के लिए भी जाना जाता है, जिसमें देसी घी से बनने वाला पपड़ी हलवा, जिसे स्थानीय लोग प्यार से कड़ाका कहते हैं, सबसे अलग है. यह वही हलवा है जिसे नवाबों के दौर में खास मौकों, दावतों और शाही मेहमानों के लिए बनाया जाता था और आज भी करीब 100 साल पुरानी विधि से तैयार किया जाता है, यही वजह है कि यह हलवा सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि रामपुर की विरासत का स्वाद बन चुका है. हलवा बनाने की प्रक्रिया लंबी और मेहनत भरी है जिसमें सबसे पहले गेहूं को रातभर भिगोकर सुखाया जाता है और उसके अंकुर निकालकर आटा तैयार किया जाता है, फिर इसे दूध और प्योर देसी घी के साथ कढ़ाही में लगातार चलाकर ब्राउन किया जाता है. गोल-गोल खांचों में सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, पिस्ता और चिरौंजी रखकर उसमें हलवा डाला जाता है और सेट होने दिया जाता है, जिससे इसका स्वाद आम हलवों से बिल्कुल अलग बनता है, देसी घी की खुशबू, गेहूं की मिठास और ड्राई फ्रूट्स की परत इसे खास बनाती है. हलवे की कीमत करीब 800 रुपये प्रति किलो है, लेकिन इसकी मांग कम नहीं होती. अगर आप रामपुर घूमने आएं तो इस देसी घी से बने नवाबी पपड़ी हलवे का स्वाद लेना न भूलें, क्योंकि यह सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि सौ साल पुरानी परंपरा और इतिहास का मीठा अनुभव है जो आज भी लोगों के दिल और ज़ुबान पर राज कर रहा है.