दो लोग मिलकर उड़ाते हैं 6×6 फिट की दानव पतंग, मकर संक्रांति पर गाजीपुर के आसमान में विखेरा जलवा

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दो लोग मिलकर उड़ाते हैं 6×6 फिट की दानव पतंग, मकर संक्रांति पर गाजीपुर के आसमान में विखेरा जलवा


गाजीपुरः मकर संक्रांति के पर्व पर गाजीपुर के आसमान में इस बार कुछ अद्भुत दिखने वाला है. खोवा मंडी इलाके के रहने वाले अभिषेक विश्वकर्मा ने अपनी कलाकारी से एक ऐसी विशालकाय पतंग तैयार की है, जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. 6×6 फीट के आकार वाली यह पतंग इस समय जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है.

पिता के सपने से जुड़ा काम

अभिषेक बताते हैं कि पतंग उनके लिए सिर्फ कमाई का जरिया नहीं है. यह उनके पिता परमानंद विश्वकर्मा के सपने से जुड़ा काम है. बचपन से उन्होंने अपने पिता को पतंग बनाते देखा और उसी रास्ते पर चलने का फैसला किया. आज इस काम में उनका पूरा परिवार साथ देता है। उनकी पत्नी, बच्चे, बड़े भाई और भाभीसभी मिलकर पतंग बनाने और बेचने में मदद करते हैं.

बहुत भारी पतंग, खास डोर का इस्तेमाल

अभिषेक के मुताबिक यह 6×6 फीट की पतंग काफी भारी है. जब यह आसमान में उड़ती है तो हवा का दबाव इतना ज्यादा होता है कि इसका जोर 50 से 60 किलो तक पहुंच जाता है. इसी वजह से इसमें साधारण डोर नहीं लगाई गई है। उन्होंने खास पैराशूट माझा का इस्तेमाल किया है, जो मजबूत और भारी होती है. अभिषेक मजाक में कहते हैं कि अगर कोई छोटा बच्चा इसे अकेले उड़ाने की कोशिश करे, तो पतंग के साथ वह भी खिंच सकता है.

अभिषेक बताते हैं कि इस महा-पतंग को संतुलित रखने के लिए इसके ढांचे में लचीली और बेहद मजबूत बांस की कमाचियों का इस्तेमाल किया गया है, जो तेज हवा के दबाव में भी नहीं टूटतीं. इसे उड़ाने के लिए साधारण सूती धागा या आम मांझा बिल्कुल नाकाम है. इसके लिए नायलॉन और सिंथेटिक मिक्स वाले पैराशूट डोर’ का उपयोग किया जा रहा है, जिसे मछली पकड़ने वाली डोर जितना मजबूत माना जाता है.

तीन दिन की कड़ी मेहनत और बढ़ती डिमांड

इस मास्टरपीस’ को तैयार करने में अभिषेक को पूरे तीन दिन का समय लगा. कई असफल कोशिशों के बाद उन्होंने इस सटीक संतुलन को हासिल किया है. ₹1000 की कीमत होने के बावजूद, इसकी मांग इतनी है कि अब तक करीब 10 पतंगें बिक चुकी हैं. गाजीपुर के अलावा आजमगढ़, बलिया, मऊ और जौनपुर जैसे पड़ोसी जिलों से भी लोग इस महा-पतंग को खरीदने पहुंच रहे हैं.



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