नीचे बहती है नदी, ऊपर नहर, उसके भी पार सड़क, जादू से कम नहीं है यूपी का यह पुल

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नीचे बहती है नदी, ऊपर नहर, उसके भी पार सड़क, जादू से कम नहीं है यूपी का यह पुल


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Kasganj nadrai ka pul: उत्तर प्रदेश में एक से बढ़कर एक रोचक और ऐतिहासिक चीजें और जगह हैं. यहां अंग्रेजों के जमाने की बनी कई चीजें आज भी हैं जो किसी अजूबे से कम नही हैं.

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यूपी मे यहाँ नदी के ऊपर है नहर, नहर के ऊपर है सड़क, किसी जादू से कम नहीं यह पुल

अलीगढ़: आज हम आपको उत्तर प्रदेश के एक अनोखे पुल के बारे में बताने जा रहे हैं. यह पुल कासगंज में है. अंग्रेजों ने इस पुल को 136 साल पहले बनवाया था. यह पुल न केवल कासगंज के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी अद्वितीय संरचना देख लोग हैरान रह जाते हैं और इसे चमत्कार बताते हैं. आइए जानते हैं कि इस पुल में क्या खास है और इसका नाम क्या है.

हम बात कर रहे हैं कासगंज के नदरई पुल के बारे में. इसकी खास बात यह है कि यह पुल लगभग 60 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. इसके नीचे काली नदी बहती है और उसके ऊपर से नहर बहती है. इतना ही नहीं नहर के ऊपर सड़क बनी हुई है. सड़क पर भारी वाहन चलते हैं. यह पुल 1.5 किलोमीटर लंबा है और इसकी मजबूती आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी 150 साल पहले थी.

इस पुल के निर्माण का एक अनोखा पहलू यह भी है कि इसके अंदर एक गुफा बनी हुई है. कहा जाता है कि अंग्रेज आपातकाल की स्थिति में इस गुफा में छिप जाया करते थे. इसके बावजूद पुल आज तक कहीं से भी लीक नहीं हुआ जो इसकी शानदार इंजीनियरिंग का प्रमाण है.

इतिहासकार अमित तिवारी बताते हैं कि इस पुल के निर्माण का मुख्य उद्देश्य इस इलाके में नहरों के कारण होने वाले जलभराव की समस्या से निजात दिलाना था. अंग्रेजों ने इस पुल का निर्माण बहुत सोच-समझकर किया था, ताकि पानी की समस्या हल हो सके. 136 साल पहले 1889 में बनकर तैयार हुए इस पुल से होकर लोअर गंगा कैनाल गुजरती है. इसे दुनिया के शीर्ष जलसेतुओं में गिना जाता है और यह कई अंतरराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम का भी हिस्सा है.

इतिहासकार ने कहा कि 19वीं शताब्दी में नदरई पुल विश्व भर के अखबारों की सुर्खियों में रहा था. 16 जनवरी 1892 को अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के ‘पेसिफिक रूरल प्रेस’ अखबार के मुख्य पृष्ठ पर इस जलसेतु की खबर छपी थी.

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नीचे है काली नदी, ऊपर नहर, उसके बाद सड़क, यूपी में यहां है जादुई पुल



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