नेमाटोड रोग से हरी सब्जियों की फसल तबाह, समय पर देखभाल न करने से किसानों को रहा नुकसान

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नेमाटोड रोग से हरी सब्जियों की फसल तबाह, समय पर देखभाल न करने से किसानों को रहा नुकसान


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हरी सब्जियों की फसल में नेमाटोड रोग के कारण जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधे कमजोर होकर मुरझाने लगते हैं. समय पर पहचान और देखभाल न होने पर पूरी फसल बर्बाद हो जाती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

कौशाम्बी. किसान अधिकतर देखा है जब फसल की बुवाई कर देता है तो वह हरा भरा दिखने लगता है, लेकिन जैसे इस समय हरी सब्जियों की बुवाई अधिक की जाती है तो बुवाई करने के बाद जब पौधे बड़े होते हैं तो ऐसा लगता है कि बहुत ही अच्छा तैयार हो रहा है. लेकिन अचानक से जब पौधों में सड़न शुरू हो जाती है, तभी फसल बर्बाद हो जाती है. ऐसे में किसान को काफी नुकसान भी हो जाता है तो इस अवस्था में किसान को अपनी फसलों को देखरेख करने की आवश्यकता होती है, क्योंकि अधिकतर हरी सब्जियां उगाने वाले फसलों में नेमाटोड़ा नाम का रोग लग जाता है. जिससे सब्जियों की पौधे में निकलने वाली जड़ सड़ने लगते हैं और पौधे भी मुरझाने लगते हैं. इस अवस्था में धीरे-धीरे किसान की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है.  नेमाटोड रोग अधिकतर टमाटर, बैगन, मिर्च, परवल, नेनुवा, तरबूज जैसे सब्जियों मे लगता है. जब यह रोग लगता है तो सबसे पहले पौधों मे गांठ बन जाती है फिर सड़ना शुरू हो जाता है. पौधे कमजोर हो जाते हैं और पत्तियां पूरी तरह से पीली पड़ जाती है. इस तरह से धीरे-धीरे किसान की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है और किस को काफी नुकसान भी हो जाता है, तो ऐसे में किसान को अपनी फसलों के लिए ध्यान देने की बहुत आवश्यक होता है.

इस कारण से पौधे हो जाते हैं कमजोर 

रमेश चंद्र ने बताया कि नेमाटोड रोग एक जमीन सूत्री रोग होता है जो अधिकतर हरी सब्जियों में पाए जाने वाला होता है, क्योंकि जिस क्षेत्र में एक ही प्रकार की अधिकतर फैसले उगाई जाती है. उसे क्षेत्र में यह रोग अधिक पाया जाता है.  यह रोग फसलों की जड़ को नुकसान करता है. जब जड़ अधिक मोटी हो जाती है तो अपना भोजन पदार्थ सही तरीके से नहीं ले पता है. इस कारण से पौधे कमजोर हो जाते हैं और पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती है. ऐसे में पट्टी अभी टूट कर धीरे-धीरे गिरना शुरू कर देती हैं और पैदावार में भी कमी हो जाती है. इस रोग से बचाव करने के लिए किसान गर्मियों के मौसम में खेतों को अच्छे से गहरी जुताई कर देना चाहिए ताकि नीचे की मिट्टी ऊपर हो जाए. रोग को पहचान करने के लिए किसान खेतों में उगी हुई फसल को उखाड़ कर चेक कर सकते हैं अगर जड़ मोटी हो रही है और हाथ से दबाने पर दबने लगे और पानी निकलने लगे और जड़ देखने में भद्दे तरह के दिखने लगती है. इसी जड़ों में जगह पर फंगस भी आक्रमण कर देता है, जिसके कारण पौधा कमजोर होकर गिरना शुरू कर देता है. इस वजह से फसल की पैदावार में कमी हो जाती है और किसान नुकसान पर चला जाता है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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