न दवा, न नीम की पत्तियां, पूर्वजों का ये देसी जुगाड़ गेहूं को रखेगा सालों तक सुरक्षित

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न दवा, न नीम की पत्तियां, पूर्वजों का ये देसी जुगाड़ गेहूं को रखेगा सालों तक सुरक्षित


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Wheat Storage Tips: गेहूं को घुन और कीड़ों से बचाने के लिए अब आपको महंगी दवाइयों या केमिकल की जरूरत नहीं पड़ेगी. बहराइच के एक किसान ने अपने पूर्वजों का वह कमाल का सीक्रेट साझा किया है, जिससे अनाज सालों-साल तक बिल्कुल ताजा बना रहता है. बिना किसी खर्च के, सिर्फ भूसे के सही इस्तेमाल से आप अपने साल भर के खाने वाले गेहूं और बीज को सुरक्षित रख सकते हैं. जानिए क्या है यह प्राचीन तकनीक और भंडारण करते समय किन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपका अनाज कभी खराब न हो.

Wheat Storage Tips in Hindi: गेहूं की कटाई का सीजन खत्म होते ही किसानों और आम परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शुरू होती है अनाज का सही भंडारण कैसे किया जाए. मेहनत से उगाया गया गेहूं अगर कुछ ही महीनों में घुन या कीड़ों की भेंट चढ़ जाए, तो भारी नुकसान होता है. इसे बचाने के लिए लोग कभी लोहे के ड्रम, कभी मिट्टी की ढेरी तो कभी नीम की पत्तियों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी घुन लगने का डर बना रहता है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी पारंपरिक तकनीक सामने आई है, जो बिना किसी खर्च के आपके अनाज को सालों तक सुरक्षित रख सकती है.

दादा-परदादाओं के जमाने की तकनीक, आज भी है हिट
बहराइच जिले के कटरा बहादुरगंज गांव के रहने वाले किसान अशोक मौर्य गेहूं स्टोर करने के लिए आज भी अपने पूर्वजों की उसी पुरानी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उनके दादा और परदादा अपनाया करते थे. अशोक बताते हैं कि पहले के समय में आज की तरह जहरीले कीटनाशक नहीं होते थे, फिर भी अनाज सालों तक खराब नहीं होता था. उन्होंने अपने पूर्वजों से सीखा कि गेहूं को बोरियों में भरकर अगर भूसे के ढेर के बीच सही तरीके से दबा दिया जाए, तो उसमें कभी घुन या अन्य कीड़े नहीं लगते. इस तरह सुरक्षित रखे गए गेहूं का इस्तेमाल खाने के साथ-साथ अगली फसल के लिए बीज के रूप में भी बखूबी किया जा सकता है.

नमी से बचाव है सबसे जरूरी शर्त
इस तकनीक का इस्तेमाल करते समय एक बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है और वह है नमी. अशोक मौर्य बताते हैं कि भूसे में दबाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि गेहूं पूरी तरह से धूप में सूख चुका हो. अगर दाने में थोड़ी भी नमी रह गई, तो घुन भले न लगे, लेकिन अन्य प्रकार के कीट या फफूंद लग सकती है. इसलिए अच्छी तरह सुखाकर ही गेहूं को बोरियों में भरें.

रखरखाव और वेंटिलेशन का रखें ध्यान
अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए केवल भूसे में दबाना ही काफी नहीं है, बल्कि उस स्थान का चुनाव भी सोच-समझकर करना चाहिए. जिस कमरे या कोठरी में भूसा स्टोर किया गया हो, वहां जलभराव या सीलन की समस्या नहीं होनी चाहिए. वेंटिलेशन का सही इंतजाम होना चाहिए ताकि हवा का संचार बना रहे और कहीं से भी पानी की बूंद भूसे के अंदर न जा पाए. बहराइच के किसान सालों से इस देसी नुस्खे को आजमा रहे हैं और बिना किसी केमिकल के अपने अनाज को कीड़ों से बचा रहे हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें



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