पढ़ाई के बाद नहीं मिली नौकरी, बांस के कारोबार से युवक ने बदली किस्मत, कमा रहा मुनाफा
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फर्रुखाबाद के युवक शिवा ने नौकरी न मिलने पर बांस की कारीगरी से अपना कारोबार शुरू किया और तीन साल में अच्छी पहचान बना ली. मजबूत बांस से चारपाई, जाली और अन्य ग्रामीण उपयोग के सामान तैयार कर वे रोज़ाना अच्छी बिक्री करते हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन 3–4 हजार रुपये की बचत और महीने में करीब 55–60 हजार रुपये तक का मुनाफा हो रहा है.
फर्रुखाबाद. कहते हैं जहां चाह हो वहां राह होती है, अगर कुछ हासिल करना हो तो रास्ते नहीं देखे जाते बस उस पर चला जाता है. पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो युवक ने अपने हुनर के दम पर बांस के कारोबार से अपना जीवन बदल दिया. शिवा ने इस कार्य को 3 साल पहले छोटे रूप में शुरू किया था. लेकिन जिस प्रकार उनके इस कार्य को प्रोत्साहन मिला और लोग भी लगातार इस सामान को खरीदने लगे हैं. इनका यह कारोबार अच्छा चल रहा है, आज इनकी जिले भर में अच्छी खासी पहचान बनने के साथ ही बिक्री भी होती है. जिससे इनको अच्छा खासा मुनाफा मिल रहा है, शिवा ने बांस की कारीगरी से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कर उपयोग में लाए जाने वाले सामान को बनाना शुरू किया. ग्राहक बताते हैं कि इनका सामान भी काफी टिकाऊ होता है. यही कारण है कि लोग भी यहां से खरीदारी करते हैं. वहीं यहां पर ऑर्डर देने पर साइज के हिसाब से चारपाई, ठठर और सीढ़ियों के साथ-साथ जाली और सभी प्रकार के बांस लकड़ी के अन्य सामान भी बनाए जाते है. यहां पर ग्रामीणों को अच्छी क्वालिटी के बांस मिलने के साथ ही रेट भी काफी कम है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें