पर्यटकों के लिए खुशखबरी…! चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में तीन नए सफारी रूट, जानें कैसे कर सकेंगे बुकिंग

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पर्यटकों के लिए खुशखबरी…! चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में तीन नए सफारी रूट, जानें कैसे कर सकेंगे बुकिंग


चित्रकूट का रानीपुर टाइगर रिजर्व अब नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है. यूपी का चौथा टाइगर रिजर्व कहे जाने वाले रानीपुर टाइगर रिजर्व में पहले केवल एक रूट पर सफारी की सुविधा मिलती थी, लेकिन वन विभाग ने पर्यटकों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए अब दो नए सफारी रूट भी खोल दिए हैं. यानी अब यहां आने वाले सैलानी अपनी पसंद के हिसाब से तीन अलग-अलग रास्तों से जंगल की गहराइयों तक जा सकते हैं.

बता दें, मानिकपुर के मारकुंडी क्षेत्र के पास बनाए गए इस रिजर्व की खूबसूरती ही इसे खास बनाती है. घने जंगल, पथरीली घाटियां, जलीय तालाब और पहाड़ी इलाकों में बिखरी हरियाली यहां सफारी को रोमांचकारी बना देती है. अब तक पर्यटक सामान्य सफारी अनुभव करते थे, लेकिन नए रूट खुलने के बाद अब वे जंगल के अलग-अलग हिस्सों को खोजेंगे और नजदीकी से वन्यजीवों को देखने का मौका पाएंगे.

इन रूटों पर होगी सफारी की सुविधा
वहीं, मानिकपुर वन क्षेत्राधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने ऑफ कैमरे में जानकारी देते हुए बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व में  गेरूआ रूट सफारी, चौरी रूट सफारी और कल्याणपुर-हनुमान चौक रूट सफारी चालू है. तीनों रूट जंगल के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजरते हैं, जहां कैमरे में बाघ, तेंदुआ, भालू, चीता, हिरण, मोर, शारदा हिरण और कई दुर्लभ पक्षियों को कैद करने का मौका मिल सकता है.

भारतीयों के लिए ये होगा शुल्क
वन विभाग ने सफारी को सुव्यवस्थित बनाने के लिए शुल्क व्यवस्था भी तय की है. भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क वयस्कों का 80 रुपये और 5 से 12 वर्ष के बच्चों का 25 रुपये रखा गया है. इसके अलावा वन मार्ग शुल्क 300 रुपये, गाइड 500 और डीपीओएल व्यय 200 रुपये, कैमरा शुल्क 450 रुपये तथा पार्किंग शुल्क बाइक व थ्री व्हीलर 50 रुपये, कार 100 रुपये, मिनी बस 300 और बस 500 रुपये तय किए गए हैं.

विदेशी पर्यटकों को लगेगा ये शुल्क
वहीं, विदेशी पर्यटक वयस्कों के लिए प्रवेश 1000 रुपये और बच्चों के लिए 300 रुपये देना होगा. वन मार्ग शुल्क 600 रुपये, गाइड 500 व डीपीओएल व्यय 200 रुपये तथा कैमरा शुल्क 1800 रुपये निर्धारित किया गया है. इन शुल्कों के बाद पर्यटक बिना किसी बाधा के रानीपुर की वादियों में प्राकृतिक धरोहर का आनंद उठा सकते हैं. उनका कहना है कि नए रूट खुलने से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आसपास के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. गाइड, वाहन चालक, होटल व्यवसाय और हस्तशिल्प विक्रेताओं को सीधा लाभ मिलेगा.



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