‘पहले बहुत धांधली थी’, मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर संत समाज में खुशी की लहर, नए बिल की तारीफ

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‘पहले बहुत धांधली थी’, मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर संत समाज में खुशी की लहर, नए बिल की तारीफ


अयोध्या: केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा की जगह नया कानून लाने की घोषणा के बाद अयोध्या के संत-महंतों में इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. सरकार की ओर से प्रस्तावित इस नए बिल का नाम विकसित भारत ‘जी राम जी’ रखा गया है. संत समाज ने इसे रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने वाला कदम बताया है.

अयोध्या में सरयू नित्य आरती समिति के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत सराहनीय पहल है. उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत बीते वर्षों में कई ऐसे लोग शामिल हो गए थे, जिनका भारत से कोई स्पष्ट संबंध नहीं था. ऐसे लोगों को योजनाओं का अनुचित लाभ मिल रहा था, जबकि वास्तविक जरूरतमंद पीछे रह जाते थे.

व्यवस्था को सुधारने की दिशा में जरूरी

महंत शशिकांत दास ने आरोप लगाया कि मनरेगा के नाम पर धांधली होती रही है और कई बार ऐसे तत्व आगे रहे, जो सनातन धर्म और भगवान श्रीराम के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उठाया गया यह नया कदम व्यवस्था को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण है और इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की जानी चाहिए.

भारतीय परंपरा से जोड़ने का कार्य

वहीं साकेत भवन के पीठाधीश्वर संत सीताराम दास जी महाराज ने भी इस प्रस्तावित बिल को अत्यंत सटिक बताया. उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना के माध्यम से मनरेगा को सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा से जोड़ने का कार्य कर रही है, जो स्वागत योग्य है. संत सीताराम दास ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर इस योजना का नाम रखा जाना देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करता है.

भगवान श्रीराम ऐसे आदर्श पुरुष थे जिन्होंने अपने जीवन में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया. इसी भावना के अनुरूप यह योजना भी सभी के कल्याण और सभी को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी. संत सीताराम दास जी महाराज ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल न केवल रोजगार सृजन करेगा, बल्कि समाज में नैतिकता, मर्यादा और समरसता को भी बढ़ावा देगा.

सनातन के अनुरूप नाम

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने बताया कि विकसित भारत के कल्पना को साकार करने के लिए जिस प्रकार से केंद्र सरकार ने जी राम जी करके मनरेगा का जो बिल लाया है, नाम बहुत सुंदर है. यह नाम सनातन के अनुरूप है. भारत की आत्मा भी राम जी में बसती है. इस प्रकार से नाम रखना हम लोग आभार व्यक्त करते हैं.



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