पहले सोशल मीडिया के जरिए करते थे दोस्ती, फिर करते थे यह काम, नोएडा में हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
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Noida News: कासना पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ कर दो सगी बहनों और उनके बॉयफ्रेंड को पकड़ा. यह गैंग सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल से अविवाहित पुरुषों को प्रेम व शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करता था. तीन आरोपी गिरफ्तार हुए और 1.90 लाख रुपये बरामद हुए, जबकि एक साथी फरार है.
नोएडा : कासना कोतवाली पुलिस ने एक सक्रिय हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सगी बहनों और उनके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है. यह गैंग सोशल मीडिया पर अविवाहित पुरुषों को प्रेम और शादी का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उनसे मोटी रकम वसूलता था. पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 1 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जबकि गैंग का एक सदस्य अभी फरार बताया जा रहा है.
थाना प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ला के अनुसार गिरफ्तार हुई दोनों बहनें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फोन कॉल के जरिए अविवाहित पुरुषों से संपर्क स्थापित करती थीं. वे नकली नामों और बदले हुए प्रोफाइल के साथ बातचीत की शुरुआत करतीं और धीरे-धीरे दोस्ती को प्यार और शादी के वादों तक ले जाती थीं. बातचीत के दौरान वे पीड़ितों का विश्वास जीतकर उन्हें भावनात्मक रूप से अपने करीब ले आती थीं, ताकि आगे ब्लैकमेल करना आसान हो सके.
पुलिस के अनुसार 29 नवंबर को इसी गिरोह ने 51 वर्षीय अविवाहित व्यक्ति को निहालदेव पार्क में मिलने के लिए बुलाया था. जैसे ही वह व्यक्ति पार्क पहुँचा, वहाँ पहले से मौजूद लड़की की बहन, बॉयफ्रेंड दीपांशु और उसका एक साथी उसे घेर लेते हैं. गिरोह ने पीड़ित से 5 लाख रुपये की मांग की और इंकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई. इसके बाद उसे निजी चैट और फोटो वायरल करने की धमकी देकर जबरन पैसे छीन लिए गए.
पीड़ित ने घटना के बाद हिम्मत जुटाकर कासना थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने एक टीम बनाकर तकनीकी निगरानी, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपांशु, विनिशा और खुशी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि वे कई महीनों से अविवाहित पुरुषों को अपना निशाना बना रहे थे और शादी, गोवा ट्रिप व अन्य बहानों से लाखों रुपये ठग चुके हैं.
पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद व्यवस्थित तरीके से काम करता था. पहले लड़कियां पीड़ित को भावनात्मक रूप से फंसातीं, फिर मौके पर लड़के पहुंचकर धमकी और ब्लैकमेल के जरिए पैसे ऐंठ लेते थे. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी अजय की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह के और भी पीड़ित तो नहीं हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें