पारंपरिक खेती छोड़ किसान ने शुरू किया मछली पालन,बदल गई तकदीर,अब कमा रहे लाखों
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Fish Farming: युवा किसान हरकेश कई सालों से मछली पालन कर रहे हैं. जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है. वह तालाबों में पंगेशियश प्रजाति की मछली का पालन ज्यादा करते हैं. इसकी बाजारों में काफी मांग रहती है.
बाराबंकी जहां आजकल किसान खेती किसानी के बजाय उन व्यवसायों की ओर रुख कर रहे हैं. जिनसे उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सके मछली पालन ऐसा ही एक व्यवसाय है. जिससे किसान लाखों रुपये कमा सकते हैं.इस व्यवसाय के लिए किसी विशेष तकनीक की जरुरत नहीं होती है. इसे कम जगह में भी आसानी से किया जा सकता है मछली पालन एक साल में दो बार मुनाफा देने वाली फसल है. यही कारण है कि किसान कम समय में इस व्यवसाय से अच्छा लाभ कमा रहे हैं.
इस किसान ने मछली पालन कर कम खर्च में दोगुना लाभ कमा रहे हैं. जनपद बाराबंकी के तम्मसेपुर गांव के रहने वाले युवा किसान हरकेश कई सालों से मछली पालन कर रहे हैं. जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है वह अपने यहां तालाबों में पंगेशियश प्रजाति की मछली का पालन ज्यादा करते हैं. इसकी बाजारों में काफी मांग रहती है.मछली पालन के इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष 4 लाख रुपए तक का मुनाफा कमा रहे है.
सलाना 4 लाख का मुनाफा
वहीं युवा किसान हरकेश का कहना है. मछली पालन का व्यवसाय करीब 2-3 साल पहले छोटे से तालाब से शुरू किया था. जिसमें हमें अच्छा मुनाफा हुआ आज करीब 3 तालाबों में मछली पालन कर रहे हैं. जिसमें पंगेशियश प्रजाति की हैं. एक तालाब में तीन से चार हजार मछली के बच्चे डाले जाते हैं. जिसमें खर्च करीब एक तालाब में दो लाख रुपए तक आता है. वहीं मुनाफे की बात करें तो लागत निकाल करके करीब 4 लाख रुपए तक हो जाता है पंगेसियस मछली करीब 5 महीने में तैयार हो जाती है. यह मछली अन्य मछलियों के मुकाबले इसकी बाजारों मे डिमांड ज्यादा रहती है. जिससे यह करीब 100 से 120 रुपये के रेट से जाती है. जिससे हम लोगों को मुनाफा भी अच्छा मिलता है.