पिता करते थे मजदूरी का काम, बेटे ने पीतल की कलाकारी से रच दिया इतिहास, पद्म श्री से होंगे सम्मानित
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पादन देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. वहीं इन पीतल के उत्पादों पर चार चांद लगाने का काम करते हैं. यहां के शिल्पगुरु जो अपनी सुंदर-सुंदर नक्काशी से इन्हें और ज्यादा खूबसूरत और आकर्षित बनाते हैं.
यही वजह है कि यहां के उत्पाद देश-विदेश में पसंद किए जाते हैं. वहीं पीतल नगरी के शहर में वैसे तो बहुत शिल्पगुरु हैं, लेकिन एक शिल्पगुरु चिरंजी लाल यादव हैं, जिनका चयन पद्म श्री अवॉर्ड के लिए हुआ है. पद्म श्री अवॉर्ड से चयन होने के बाद उनके परिवार में खुशियों का माहौल है.
परिवार में है खुशियां
शिल्पगुरु चिरंजी लाल यादव ने बताया कि मुझे पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. मुझे मालूम नहीं था कि मुझे इस तरह से सफलता हासिल हो जाएगी. पद्म श्री अवॉर्ड से चयन होने के बाद मुझे काफी खुशी है. मुझे लोगों ने बताया कि आपको पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा.
इसके बाद मुझे गृह मंत्रालय से फोन आया था कि आपको पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा और भी कई डिपार्टमेंट से मेरे पास फोन आया. पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित होने की जानकारी मुझे सुबह 10:00 बजे मिल गई थी. उन्होंने बताया कि मैं 1970 से यह काम कर रहा हूं. तभी से यह नक्काशी का काम करता चला आ रहा हूं.
मजदूरी करते थे पिताजी
उन्होंने बताया कि मेरे पिताजी मजदूरी करते थे. मैं कक्षा 7 की पढ़ाई करने के बाद 20 साल की उम्र से ही यह नक्काशी करना शुरू कर दिया था. हमारे गुरु अमर सिंह थे, उन्हें राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन से नेशनल अवॉर्ड मिला था. उन्हीं से मैंने यह काम सीखा था. उन्हीं के घर पर मैंने यह मजदूरी की थी. मैं बहुत अच्छी तरह से काम सीख गया था.
अंगूरी वर्क, चिकन, पचरंगा सहित कई प्रकार की उच्च कोटि की नक्काशी वह करते थे और यह सभी नक्काशी में पारंगत हैं. उनके जितने भी शागिर्द हैं, वह सभी उच्च कोटि के शिल्पगुरु हैं. उन्ही में से एक मैं भी हूं और मैं बहुत ही गरीब परिवार से हूं. मैं खुद मजदूरी करके यहां तक पहुंचा हूं.
दर्जनों अवॉर्ड कर चुके हैं हासिल
चिरंजी लाल ने बताया कि इससे पहले मैं दर्जनों अवॉर्ड से सम्मानित हो चुका हूं. जिला उद्योग केंद्र से भी सम्मानित हो चुका हूं. मुझे स्टेट अवॉर्ड, नेशनल अवॉर्ड, शिल्पगुरु अवॉर्ड भी मिल चुका है. अब मुझे पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. मुझे बहुत खुशी है और मेरे परिवार में खुशियों का माहौल है कि मुझे पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि मेरे परिवार में मेरे दो बेटे हैं, वह भी नेशनल अवार्ड और स्टेट अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं. मेरी पूरी फैमिली नक्काशी के क्षेत्र में थी, लेकिन अभी मैं और मेरे दो बेटे इस नक्काशी के क्षेत्र में हैं.
उड़ीसा में भी दे चुके हैं ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि मैं उड़ीसा स्टेट में 1980 से 1982 तक मास्टर क्राफ्ट मेंन के पद पर भी ट्रेनिंग देकर आ चुका हूं. यह सरकारी ट्रेनिंग रही थी. उड़ीसा स्टेट में जिला पुरी में ट्रेनिंग देकर आ चुका हूं. वहां भी मैंने 60 बच्चों को काम सिखाया था. इसके अलावा मैं यहां पर भी 600 युवाओं को आत्मनिर्भर बना चुका हूं और इस नकाशी के क्षेत्र से जोड़ चुका हूं.