पीटीआर के पास बसा साखूवन इको रिट्रीट, जहां मिट्टी के घरों में सुकून खोज रहे लोग

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पीटीआर के पास बसा साखूवन इको रिट्रीट, जहां मिट्टी के घरों में सुकून खोज रहे लोग


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Pilibhit News: उत्तर प्रदेश में धार्मिक और ईको-टूरिज्म के बढ़ते क्रेज ने लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खोल दिए हैं. राज्य सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत करीब 2,000 आवेदन मिल चुके हैं. इसी कड़ी में पीलीभीत के मोहम्मद कासिम ने टाइगर रिजर्व के महोफ गेट के पास ‘साखूवन इको रिट्रीट’ नाम से फार्म स्टे बनाया है. मिट्टी की ईंटों से बने इस इको-फ्रेंडली स्टे में पर्यटकों को ग्रामीण माहौल, किचन गार्डन और स्थानीय खान-पान का अनोखा अनुभव मिलता है.

उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और ईको-टूरिज्म का क्रेज जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसने आम लोगों के लिए कमाई के शानदार रास्ते खोल दिए हैं. राज्य सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति आने के बाद से अब तक करीब 2,000 आवेदन मिल चुके हैं. इस मुहिम की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी काफी उत्साह दिखा रहे हैं. लोग अपने घरों के खाली कमरों को होमस्टे में बदलकर न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं, बल्कि पर्यटकों को एक नया अनुभव भी दे रहे हैं.

इसी बदलाव की एक जीती-जागती मिसाल पीलीभीत शहर के रहने वाले मोहम्मद कासिम ने पेश की है. उन्होंने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ गेट के पास एक बेहद खूबसूरत फार्म स्टे तैयार किया है, जिसका नाम है ‘साखूवन इको रिट्रीट’. कासिम का यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ईको-सस्टेनेबिलिटी यानी पर्यावरण की सुरक्षा वाली थीम पर बना है. शहर के कंक्रीट के जंगलों से दूर, यह स्टे पर्यटकों को प्रकृति के बिल्कुल करीब ले जाता है. लोकल 18 से बातचीत में कासिम बताते हैं कि उन्होंने इस फार्म स्टे को बनाने में मिट्टी की ईंटों और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया है. यहाँ सीमेंट का उपयोग कम से कम किया गया है ताकि मड हाउस का असली अहसास मिल सके.

यह जगह न सिर्फ दिखने में सुंदर है, बल्कि यहाँ का पूरा सिस्टम भी प्रकृति के अनुकूल है. यहाँ आने वाले मेहमानों को शुद्ध ग्रामीण परिवेश का अनुभव मिलता है. इस फार्म स्टे की एक और खास बात यहाँ का खान-पान और स्टाफ है. कासिम ने यहाँ पास के गांवों के लोगों को ही काम पर रखा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़े हैं. यहाँ का किचन गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, जहाँ वे खुद अपने हाथों से ताजी सब्जियां तोड़ सकते हैं और उन्हें बनवाकर खा सकते हैं. आज यहाँ महाराष्ट्र, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से लोग शांति की तलाश में खिंचे चले आ रहे हैं. अगर आप भी साखूवन इको रिट्रीट में ठहर कर प्रकृति का अनूठा अनुभव लेना चाहते हैं तो आप 8218151782 पर संपर्क कर सकते हैं.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें



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