‘पेंशन का पैसा लेने बैंक गई, पता चला कि मैं मर गई हूं’, 82 साल की महिला का दर्द, सच्चाई सुन चौंक जाएंगे

0
‘पेंशन का पैसा लेने बैंक गई, पता चला कि मैं मर गई हूं’, 82 साल की महिला का दर्द, सच्चाई सुन चौंक जाएंगे


Last Updated:

Rae Bareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वयोवृद्ध महिला को कागजों पर मृत दिखाकर उनकी वृद्धावस्था में मिलने वाली पेंशन रोक दी गई. अब वह वृद्ध महिला अपने जीवंत होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं.

रायबरेली: आप सभी ने साल 2021 में रिलीज हुई अभिनेता पंकज त्रिपाठी अभिनित फिल्म ‘कागज’ जरूर देखी होगी, जिसमें सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार की एक कहानी का चरित्र चित्रण किया गया है. फिल्म में दर्शाया गया कि एक भ्रष्ट लेखपाल की ओर से कैसे एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया जाता है, जो अपने जीवंत होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाता हुआ घूमता रहता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में सामने आया, जिसमें एक वयोवृद्ध महिला को कागजों पर मृत दिखाकर उनकी वृद्धावस्था में मिलने वाली पेंशन रोक दी गई. अब वह वृद्ध महिला अपने जीवंत होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं.

दरअसल पूरा मामला रायबरेली जिले के लालगंज क्षेत्र के उत्तरा गौरी गांव का है. यहां की रहने वाली 82 वर्षीय सरला सिंह को कागजों में मृत दिखाकर उनकी वृद्धास्था पेंशन रोक दी गई. आरोप है कि पंचायत सचिव ने रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अप्रैल माह के बाद से उनके खाते में पेंशन आनी बंद हो गई. परिजनों के मुताबिक, सरला सिंह जब हाल ही में बैंक पहुंची तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके खाते में किसी भी माह की पेंशन नहीं आई है. जांच करने पर पता चला कि अधिकारी उन्हें मृत दर्शाकर पेंशन बंद कर चुके हैं.

बुढ़ापे का सहारा थी पेंशन

सरला सिंह ने कहा कि मिलने वाली पेंशन से दवाइयों और दैनिक जरूरतों में काफी सहूलियत मिलती थी, लेकिन अब पेंशन बंद होने से परेशानी बढ़ गई है. सरकार की ओर से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों के बुढ़ापे का सहारा होती है. इसी पेंशन से वह अपने दैनिक जीवन की जरूरत को आसानी से पूरा करती हैं.

जनसुनवाई पोर्टल पर की शिकायत

सरला सिंह के पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह बताते हैं कि वह अपनी माता जी को लेकर कई बार पंचायत सचिव के कार्यालय गए, लेकिन वहां पर उनकी एक न सुनी गई. इसके बाद उन्होंने खंड विकास अधिकारी से भी इसकी शिकायत की, फिर भी समस्या का समाधान ना हुआ. अब उन्होंने यूपी सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की. जब उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की, उसके बाद अधिकारियों ने उनकी शिकायत को संज्ञान में लिया. उधर इस मामले में जानकारी देते हुए खंड विकास अधिकारी लालगंज गगनदीप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया है और शिकायत का निस्तारण भी कर दिया गया है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

homeuttar-pradesh

‘पेंशन का पैसा लेने बैंक गई, पता चला कि मैं मर गई’, 82 साल की महिला का खुलासा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *