पेड़ की छाल फटी, पत्तियां हुईं पीली, समझो आ गया अमरूद का कैंसर, तुरंत करें ये काम
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How to control disease in guava : पिंक ताइवान अमरूद की खेती करने वाले किसानों के लिए ये रोग सबसे खतरनाक है. सीधा पेड़ की जड़ों हर हमला करता है. इससे पौधा भोजन लेना बंद कर देता है. समय रहते कंट्रोल नहीं किया गया तो पूरा पेड़ सूखकर गिर जाता है. लक्षण दिखते हा तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.
शाहजहांपुर. पिछले कुछ समय से किसानों के बीच पिंक ताइवान अमरूद की खेती बढ़ती जा रही है, लेकिन उनके मुनाफे पर अब ‘उकठा रोग’ का साया मंडरा रहा है. बागवानी में इसे ‘अमरूद का कैंसर’ भी कहते हैं. फफूंदी के कारण होने वाला यह गंभीर रोग सबसे पहले पेड़ की जड़ों को प्रभावित करता है, जिससे पौधा भोजन लेना बंद कर देता है. इसके परिणामस्वरूप, पेड़ की पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं और पूरे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. पिंक ताइवान किस्म की बागवानी करने वाले किसानों के लिए यह रोग एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिसके प्रबंधन के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.
सूख जाएगा हरा-भरा पेड़
लोकल 18 से बात करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात उद्यान एक्सपर्ट डॉ. महेश कुमार बताते हैं कि उकठा रोग की शुरुआत पेड़ के निचले हिस्से की पत्तियों में पीलेपन से होती है. यह फफूंदी धीरे-धीरे एक शाखा को अपनी गिरफ्त में लेती है, जिसके बाद वह शाखा सूखने लगती है. रोग बढ़ने पर, पेड़ की छाल फटने लगती है. सबसे खतरनाक लक्षण यह है कि संक्रमित पेड़ जड़ों से कमजोर होकर, खींचने पर आसानी से बाहर आ जाता है. अगर आपने समय रहते इसका उपचार नहीं किया, तो पूरा पेड़ सूखकर गिर जाता है. इसलिए, शुरुआती लक्षण दिखते ही तत्काल प्रभावी नियंत्रण करना जरूरी है.
कैसे करें बचाव
अमरूद के पेड़ को उकठा रोग के संक्रमण से बचाने के लिए संक्रमण की चपेट में आने वाली शाखों को काट दें. इन शाखों को खेत से बाहर निकाल कर नष्ट कर दें. अगर पूरा पौधा संक्रमित हो जाए तो जड़ सहित निकालकर उसे जला दें या फिर गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफन कर दें. इसके अलावा किसान रासायनिक उपचार भी कर सकते हैं. 2 ग्राम कॉपर ऑक्सिक्लोराइड (Copper Oxychloride) को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर अमरूद के पौधे की जड़ पर ड्रेंचिंग कर दें. ऐसा करने से भी संक्रमण की रोकथाम हो जाएगी.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें