प्लोमा के बाद बीटेक में मिला एडिमशन,मेट्रो के गेट पर की पढ़ाई,मिली बड़ी सफलता
गाजीपुरः गाजीपुर के बारा गाँव के रहने वाले बिलाल खान आज एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में मैनेजर हैं. लेकिन उनकी शुरुआत आसान नहीं थी. इंटरव्यू, टेक्निकल स्किल, टीम को संभालना. इन सब तक पहुँचने के पीछे बहुत संघर्ष, मेहनत और लगातार सीखने की यात्रा है.
गाँव से पढ़ाई, सीधे मल्टीनेशनल कंपनी में काम
डिप्लोमा से सीधे B.Tech सेकंड ईयर में मिला प्रवेश
कुछ समय काम करने के बाद उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया और उदयपुर से B.Tech शुरू किया. डिप्लोमा की वजह से उन्हें सीधे दूसरे साल में एडमिशन मिला. डिग्री के वक्त उन्होंने जो पहले इंटर्नशिप की थी उसका फायदा हुआ , इंटर्नशिप में प्रैक्टिकल वर्क का फायदा उनकी पढ़ाई में हुआ.
नौकरी और नई चुनौती, टीम संभालना सबसे बड़ा काम
डिग्री पूरी होने के बाद उन्हें एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में मौका मिला. तकनीकी काम तो आता था, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी लोगों को समझना और काम कराना. बिलाल कहते हैं कि पहला दिन डर का होता है, लेकिन धीरे-धीरे आप सीख जाते हैं कि टीम कैसे चलती है.
बिलाल मानते हैं कि शहर या गाँव का फर्क आज कंपनियाँ नहीं देखतीं. फ्रेशर को बस तीन चीज़ चाहिए सब्जेक्ट की बेसिक समझ अच्छा कम्युनिकेशन और सीखने की इच्छा. वह कहते हैं कि प्राइवेट कंपनियों में इंटरव्यू देने वाले लड़के-लड़कियों को अपने गोल साफ रखने चाहिए और जिस पोस्ट के लिए जा रहे हैं, उसके बारे में बेसिक जानकारी होना जरूरी है.
काम के बीच बिलाल अपनी रचनात्मकता भी जिंदा रखते हैं. उन्हें लिखना पसंद है जो कविता का एक संग्रह भी लिखा है. जिसका नाम है खूबसूरत एहसास.