फरवरी में हो रहा मार्च जैसा हाल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, खराब हो सकती है गेंहू, चना और सरसों की फसल

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फरवरी में हो रहा मार्च जैसा हाल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, खराब हो सकती है गेंहू, चना और सरसों की फसल


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Aligarh: इस बार फरवरी में ही मार्च जैसी गर्मी पड़ रही है. ऐसा ही रहा तो गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों को बहुत नुकसान होगा. जिन किसानों ने ज्यादा फसल बोई है वे चिंतित हैं कि उनकी फसल का बहुत नुकसान हो सकता है.

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मार्च महीने सा एहसास,फरवरी माह में इतना तापमान गेहू, सरसों, चने की उपज को नुकसान

हाइलाइट्स

  • फरवरी में मार्च जैसी गर्मी से फसलों को नुकसान.
  • गेहूं, सरसों और चने की फसलें प्रभावित हो सकती हैं.
  • किसान गर्मी से फसलों के उत्पादन को लेकर चिंतित.

अलीगढ़. मार्च महीने की गर्मी का एहसास फरवरी में ही हो रहा है, जिससे गेहूं को भारी नुकसान होगा. दरअसल, होली में आग लगने के बाद जिस तरह से मौसम में गर्मी का एहसास होने लगता है, वह एहसास फरवरी माह में पड़ने वाली गुलाबी ठंड की बसंत ऋतु में ही हो रहा है. बीते चार सालों में सबसे ज्यादा फरवरी का महीना गरम रहा है. मार्च महीने जैसी गर्मी का एहसास होने के चलते दिन में ही लोगों के पसीने छूट रहे हैं. बिना स्वेटर, जैकेट के लोग सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं.

फरवरी में ही पड़ रही जमकर गर्मी
फरवरी का महीना गुलाबी सर्दी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने सभी को चौंका दिया है. अलीगढ़ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. फरवरी में गर्मी का यह हाल देखकर लोग चिंता में पड़ गए हैं कि आगे क्या होगा? कई लोगों ने गर्म कपड़े उतार दिए हैं और दिन में पंखे चलाने की नौबत आ गई है. वहीं, बाजारों में भी हल्के कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है. सूरज की तपिश अब दोपहर में परेशान कर रही है.

फसलों के लिए चिंता का विषय
कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, फरवरी में ऐसा मौसम पहले कभी नहीं देखा गया. यह जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है. अगर अब ये हाल है तो मार्च और अप्रैल में क्या होगा. यह गेहूं और सरसों की फसलों के लिए चिंता का विषय है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिस तरह का मौसम फरवरी माह में देखने को मिल रहा है, वह वास्तव में ही चौंकाने वाला है. अधिक गर्मी की वजह से गेहूं और सरसों का उत्पादन प्रभावित होगा.

ऐसी रही गर्मी तो होगा नुकसान
इसका सबसे ज्यादा असर पछैती फसल पर होगा. पूर्व में बोई गई गेहूं की फसल में भी कई जगह से दाना हल्का होने की सूचना है. उन्होंने कहा कि इस समय मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है. ऐसे में गेहूं को बड़ा नुकसान होगा. गेहूं की फसल करने वाले किसान वीरेंद्र कुमार का कहना है कि मैंने 60 बीघा में गेहूं लगाया है. गर्मी पड़ती रही तो उत्पादन में भारी गिरावट आएगी. गर्मी का गेहूं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. पांच प्रतिशत ही गेहूं की फसल में दूध बना है. इस समय गर्मी का प्रचंड रूप ऐसे ही रहा तो गेहूं की ग्रोथ नहीं हो पाएगी. इससे बड़ा नुकसान होगा.

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फरवरी में हो रहा मार्च जैसा हाल, खराब हो सकती हैं फसलें, किसान परेशान



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