फर्रुखाबाद में सेवा का रथ, साहस इंडिया ग्रुप का आस्था और पर्यावरण बचाने का डोर-टू-डोर अभियान

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फर्रुखाबाद में सेवा का रथ, साहस इंडिया ग्रुप का आस्था और पर्यावरण बचाने का डोर-टू-डोर अभियान


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फर्रुखाबाद में साहस इंडिया ग्रुप द्वारा एक अनोखी पहल चलाई जा रही है, जो आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। समूह के सदस्य रमेश चंद्र बॉथम डोर-टू-डोर जाकर लोगों से अपील करते हैं कि घरों में रखी टूटी-फूटी मूर्तियां, पूजन सामग्री, पुराने कैलेंडर और अन्य धार्मिक वस्तुएं उन्हें सौंप दें. एक साधारण रिक्शा को सेवा रथ बनाकर वे इन सामग्रियों का श्रद्धापूर्वक संग्रह करते हैं.

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फर्रुखाबाद. जिले की पावन धरा पर एक ऐसी पहल भी सांस ले रही है, जो सिर्फ सेवा नहीं, अपितु संवेदना का संकल्प है. साहस इंडिया ग्रुप द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आस्था और पर्यावरण, दोनों की मर्यादा को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है. टूटी-फूटी मूर्तियां, पूजन सामग्री, पुराने कैलेंडर और धार्मिक वस्तुएं, जो अक्सर अनजाने में इधर-उधर फेंक दी जाती हैं, उन्हें यह समूह श्रद्धा के साथ संग्रहित करता है. एक साधारण सा रिक्शा, जो किसी के लिए रोज़गार का साधन हो सकता है, वही यहां सेवा का रथ बन जाता है. रमेश चंद्र बॉथम का यह समर्पण सचमुच हृदय को स्पर्श करता है. डोर-टू-डोर जाकर वे साउंड के माध्यम से लोगों से निवेदन करते हैं, यदि आपके घर में कोई पूजन सामग्री या खंडित प्रतिमा है, जिसे गंगा तट पर भू-विसर्जित करना हो, तो हमें सौंप दें.

आस्था की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

यह केवल वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं का सम्मान है. गंगा तट पर पूरे विधि-विधान से इन सामग्रियों का भू-विसर्जन कर वे न सिर्फ धार्मिक आस्था की रक्षा करते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने का संदेश देते हैं. आज जब दुनिया स्वार्थ की ओर भाग रही है, ऐसे निस्वार्थ प्रयास समाज को यह याद दिलाते हैं कि सच्ची पूजा केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में है.

साहस इंडिया ग्रुप की साहसी सेवा

साहस इंडिया ग्रुप का यह अभियान हमें प्रेरित करता है कि श्रद्धा को सम्मान दें, प्रकृति को संरक्षित रखें और सेवा को अपना धर्म बनाएं. पूजन सामग्री, खंडित मूर्ति के साथ ही कैलेंडर आदि सामान को रथ में रखकर संग्रहित किया जाता है, जिन्हें बाद में गंगा तट पर भू-विसर्जित कर दिया जाता है. लोकल18 की टीम को रमेश चंद्र बॉथम ने बताया कि परमार्थ के कार्य के लिए ही वे यह निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं. इसके माध्यम से वे जिले भर में अपने रिक्शा के जरिए जाते हैं. डोर-टू-डोर साउंड के जरिए लोगों से आग्रह करते हैं कि यदि आपके घर में भी पूजा सामग्री या पूजन से संबंधित कोई भी सामान है, जिसे गंगा के तट पर भू-विसर्जित करना हो, तो वह उन्हें दे सकते हैं. इसके बाद वे वहाँ पूरे विधि-विधान के साथ इन सभी पूजा सामग्री और प्रतिमाओं का भू-विसर्जन करते हैं.

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Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें



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