बरसात में दरिया जैसा हो जाता था हाल, इसीलिए सुल्तानपुर के इस मोहल्ले को मिला दरियापुर नाम
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सुल्तानपुर का दरियापुर मोहल्ला अपने नाम के पीछे छिपी दिलचस्प कहानी के लिए जाना जाता है. कभी वीरान रहा यह इलाका बारिश के मौसम में पानी से भर जाता था और दरिया जैसा दृश्य बन जाता था. इसी जलभराव के कारण इसका नाम दरियापुर पड़ा, जो आज शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में गिना जाता है.
सुल्तानपुर. हमारे आसपास कुछ स्थान ऐसे होते हैं जिसके नाम के पीछे एक अलग कहानी होती है. कुछ ऐसे नाम होते हैं जो उसके विशेष गुणों के आधार पर पड़े होते हैं. एक ऐसा ही मोहल्ला है उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का है जिसे दरियापुर कहा जाता है. यह सुल्तानपुर शहर के मुख्य केंद्र में है और यह पहले कभी वीरान हुआ करता था. लेकिन बढ़ती आबादी और अंग्रेजों द्वारा इसको बसाने के बाद यह डेवलप होता गया और आज सुल्तानपुर के मुख्य मोहल्ले में एक माना जाता है. यदि इसके नाम के पीछे की कहानी के बारे में जाना जाए तो यह मोहल्ला अन्य मोहल्लों की अपेक्षा काफी नीचे हैं. यही वजह है कि आज भी जब बारिश का मौसम होता है तो इसकी गलियों में पानी भर जाता है और इसी आधार पर इस मोहल्ले का नाम पड़ गया.
नाम के पीछे यह है इतिहास
वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि वर्तमान सुल्तानपुर कभी वीरान हुआ करता था. मुख्य सुल्तानपुर गोमती नदी के उत्तर दिशा में था और दक्षिण दिशा में बसा सुल्तानपुर अंग्रेजों की देन है. 1857 की जंग के बाद नए सुल्तानपुर को बसाने का काम ब्रिटिश हुकूमत ने किया और कई ऐसे मोहल्ले बसाए जो आज भी ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाते हैं. उसी में एक मोहल्ला दरियापुर भी है हालांकि औपचारिक रूप से इसे ब्रिटिश हुकूमत की देन नहीं माना जाता. लेकिन अनौपचारिक पूरा शहर ब्रिटिश हुकूमत द्वारा ही बसाया गया है. वहीं अगर दरियापुर मोहल्ले की बात करें तो बारिश के महीने में यहां की गलियां पानी से भर जाती हैं और पानी ही पानी हो जाता है. यहां दरिया जैसा माहौल बन जाता है, इसी वजह से इसका नाम दरियापुर पड़ा था.
यह है वर्तमान स्थिति
दरियापुर, सुल्तानपुर का एक ऐसा मोहल्ला है जिसका संबंध ब्रिटिश काल से रहा है, क्योंकि दरियापुर चौराहे से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन रहता है. इसके साथ ही यह शाहगंज चौकी से नजदीक होने की वजह से यहां पर पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग होती रहती है. कोतवाली नगर से भी इसके दूरी मात्र 500 मीटर है.
बाजार जैसा माहौल
दरियापुर मोहल्ले में दरियापुर चौराहे से पांच रास्ता की तरफ एक रोड गई है, जहां पर बाजार जैसा माहौल रहता है. सड़क के दोनों किनारे कुछ बड़े कंपनियों के मॉल बनाए गए हैं और कुछ दुकानें भी मौजूद है. यहां पर इलेक्ट्रिकल हार्डवेयर मशीनरी फॉर्चून आदि दुकान भी हैं और बाजार जैसा माहौल दिखाई पड़ता है. इसके साथ ही इस मोहल्ले में रईस लोगों की आबादी से लेकर दैनिक दिहाड़ी करने वाले लोग भी रहते हैं. इसके नाम के पीछे की कहानी जल भराव से निकलती है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें