बरेली में ऐसे मिलेगा कूड़े से निजात, यूरोपियन तकनीक करेगी काम
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Bareilly News Today Hindi: शहर में सूखे कूड़े की समस्या अब बढ़ती ही जा रही है. इससे छुटकारा पाने के लिए यूरोपियन तकनीक का इस्तेमाल…
नगर निगम बरेली.
बरेली: नाथनगर बरेली में नगर निगम शहर में सूखे कूड़े की समस्या अब बढ़ती ही जा रही है. इससे छुटकारा पाने के लिए यूरोपियन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी मिशन 2.0 में देश के सौ शहर चुने गए हैं. इनमें बरेली और आगरा समेत यूपी के सिर्फ दो शहर शामिल हैं. अफसरों के मुताबिक दूसरे चरण में यूरोपियन तकनीक से सूखे कचरे के निस्तारण की योजना तैयार की जाएगी. इस बारे में केंद्र सरकार जल्द ही गाइड लाइन जारी करेगी.
स्मार्ट सिटी के सीईओ संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि इस बार इंटिग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर दिया जाना है. शहर के 80 वार्डों में हर रोज करीब 550 मीट्रिक टन कचरा निकलता है. अनुमान यह लगाया जा रहा है कि इसमें करीब 250 मीट्रिक टन सूखा कचरा होता है. योजना बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता है. इसमें प्लास्टिक कचरा, गत्ता और इलेक्ट्रानिक वेस्ट के निस्तारण के लिए मिनी प्लांट लगा है.
तकनीकी से कर सकते हैं कूड़े की समस्या का निस्तारण
शहर में सूखे कूड़े की समस्या अब बढ़ती ही जा रही है. इसके निस्तारण के लिए यूरोपियन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी मिशन 2.0 में देश के सौ शहर चुने गए हैं. इनमें बरेली और आगरा समेत यूपी के सिर्फ दो शहर शामिल हैं. अफसरों के मुताबिक दूसरे चरण में यूरोपियन तकनीक से सूखे कचरे के निस्तारण की योजना तैयार की जाएगी. इस बारे में केंद्र सरकार जल्द ही गाइड लाइन जारी करेगी.
किस तरह का कूड़ा है
स्मार्ट सिटी के सीईओ संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि इस बार इंटिग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर दिया जाना है. शहर के 80 वार्डों में हर रोज करीब 550 मीट्रिक टन कचरा निकलता है. अनुमान यह लगाया जा रहा है कि इसमें करीब 250 मीट्रिक टन सूखा कचरा होता है. योजना बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता है. इसमें प्लास्टिक कचरा, गत्ता और इलेक्ट्रानिक वेस्ट के निस्तारण के लिए मिनी प्लांट लगा है.
Bareilly,Uttar Pradesh
March 09, 2025, 23:43 IST