बिना आलू के बनता है बलिया का ये स्पेशल समोसा, स्वाद ऐसा कि दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं लोग, जानें सीक्रेट रेसिपी

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बिना आलू के बनता है बलिया का ये स्पेशल समोसा, स्वाद ऐसा कि दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं लोग, जानें सीक्रेट रेसिपी


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Ballia Famous Samosa: बलिया में स्वाद की दुनिया में एक नया नाम छाया है, जहां का अनोखा समोसा आलू से नहीं बल्कि दूध और मखाने से बनाया जाता है. इसके खास पनीर और सीक्रेट मसालों की वजह से यह समोसा पूरे इलाके में अपनी अलग पहचान बना चुका है. रेलवे स्टेशन पास होने की वजह से लोग दूर-दूर से इसका स्वाद लेने आते हैं.

बलिया: उत्तर प्रदेश का बलिया जिला वैसे तो अपनी बागी तेवरों के लिए मशहूर है, लेकिन इन दिनों यहां के स्वाद के चर्चे भी कम नहीं हैं. स्वाद की दुनिया में अगर बलिया में किसी डिश की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो है यहां का एक बेहद खास समोसा. इस समोसे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आलू का नामोनिशान तक नहीं होता. जी हां, सही सुना आपने! यह समोसा आलू से नहीं बल्कि दूध और मखाने के खास मिक्स से तैयार किया जाता है. अपनी इसी अनोखी खूबी के कारण यह समोसा न केवल बलिया, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की पहली पसंद बन चुका है.

30 किलो दूध और मखाने से होता है तैयार
इस अनोखे समोसे के पीछे की मेहनत और कहानी भी उतनी ही जबरदस्त है, जितना इसका स्वाद. दुकान के मालिक संजय कुमार मदनवाल बताते हैं कि इसे बनाने का तरीका काफी खास है. हर दिन करीब 30 से 40 किलो ताजे दूध को बड़े-बड़े भगोनों में उबाला जाता है. इस उबलते दूध में लगभग 2 किलो मखाने डाले जाते हैं. जब मखाना दूध में पूरी तरह गलकर मिल जाता है, तब उस मिक्स से पनीर तैयार किया जाता है. यही मखाने वाला पनीर इस समोसे की खास सामग्री है, जो इसे बाजार के बाकी समोसों से अलग बनाती है.

काजू और खास मसालों का तड़का
पनीर तैयार होने के बाद शुरू होता है असली जादू. इस खास पनीर में दुकान के कुछ सीक्रेट मसाले मिलाए जाते हैं, जो वर्षों से इस दुकान की पहचान बने हुए हैं. इसके साथ ही इसमें बारीक कटे हुए काजू भी डाले जाते हैं, जो समोसे को एक शाही स्वाद देते हैं. इस खास मिक्स को समोसे की कुरकुरी परत (खोल) में भरकर शुद्ध तेल में तला जाता है. जब यह सुनहरा होकर निकलता है, तो इसमें से आलू की नहीं, बल्कि शुद्धता और देसी मसालों की महक आती है.

सिकंदरपुर से बलिया तक फैला स्वाद का जादू
संजय कुमार बताते हैं कि जैसे ही यह समोसा प्लेट में आता है, इसकी खुशबू ही ग्राहकों को खींच लाती है. यही वजह है कि उनकी दुकान पर सिर्फ सिकंदरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया जिले से लोग खिंचे चले आते हैं. दुकान रेलवे स्टेशन के पास होने के कारण ट्रेनों से आने वाले यात्री भी यहां रुककर इस खास समोसे का मजा लेना नहीं भूलते. कई यात्री तो ऐसे हैं जो अपनी सफर की थकान मिटाने के लिए सीधे इसी दुकान पर पहुंचते हैं.

कहां मिलेगा यह स्वाद?
यह मशहूर दुकान मुख्य रूप से बलिया के सिकंदरपुर में स्थित है. लेकिन ग्राहकों की भारी मांग और बढ़ती भीड़ को देखते हुए ‘राज स्वीट्स सिकंदरपुर वाले’ ने अपनी एक नई ब्रांच बलिया के आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के ठीक सामने भी खोल दी है. अब शहर के लोग भी आसानी से इस अनोखे दूध-मखाने वाले समोसे का आनंद ले पा रहे हैं. अगर आप भी बलिया में हैं और कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो यह समोसा आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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