बुढ़ापे की टेंशन अब खत्म! बस 55 रुपए जमा करो, 60 के बाद हर महीने मिलेंगे 3000
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Rampur News: जब अपने सहारा छोड़ देते हैं, तो बुजुर्गों के लिए रहना-खाना मुश्किल हो जाता है. लेकिन अब ऐसे लोगों के लिए सरकार एक जोरदार योजना लेकर आई है, जिसमें जुड़ने के बाद 60 साल की उम्र पूरी होने पर हर महीने 3 हजार रुपए की पक्की पेंशन मिलती है.
रामपुर: रामपुर में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना बड़ी राहत लेकर आई है. रिक्शा चालक, मजदूर, घरेलू कामगार, ठेला लगाने वाले और दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग इस योजना का सीधा फायदा उठा सकते हैं. खास बात ये है कि इसमें जुड़ने के बाद 60 साल की उम्र पूरी होने पर हर महीने 3 हजार रुपए की पक्की पेंशन मिलती है.
सहायक श्रमायुक्त राजकुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का मकसद उन लोगों को सहारा देना है, जिनकी कमाई सीमित है और बुढ़ापे में कोई तय आमदनी नहीं होती है. 18 से 40 साल के बीच का कोई भी असंगठित श्रमिक, जिसकी मासिक आय 15,000 से कम है, इसमें अपना पंजीकरण करा सकता है. अगर आप अभी कम उम्र में थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करते हैं, तो आगे चलकर बुजुर्ग होने पर नियमित पेंशन मिलती रहेगी.
छोटा निवेश और भविष्य सुरक्षित
इस योजना में हर महीने 55 से लेकर 200 तक का योगदान देना होता है. यह राशि आपकी उम्र के हिसाब से तय होती है. अच्छी बात ये है कि जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतना ही पैसा सरकार भी आपके खाते में जोड़ती है. यानी ये एक तरह से डबल फायदा देने वाली योजना है, जिसमें छोटा निवेश करके भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है.
जीवनसाथी को भी योजना का लाभ
अगर किसी कारणवश लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को भी योजना का लाभ मिलता है. पति या पत्नी को 3000 की पेंशन का 50 फीसदी, यानी 1500 हर महीने दिया जाता है. इससे परिवार को भी आर्थिक सहारा मिलता रहता है.
ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन
पंजीकरण की प्रक्रिया भी काफी आसान रखी गई है. रामपुर में लोग अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके अलावा maandhan.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड, बचत बैंक खाता या जन-धन खाता और आईएफएससी कोड जरूरी होता है. सहायक श्रमायुक्त राजकुमार सिंह का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक इस योजना का फायदा उठाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.