ब्लैक कार्प मछली पालन में गोंडा का युवक बना मिसाल, खुद तैयार कर रहे मछली के बच्चे

0
ब्लैक कार्प मछली पालन में गोंडा का युवक बना मिसाल, खुद तैयार कर रहे मछली के बच्चे


Last Updated:

गुरुचरन निषाद बताते हैं कि ब्लैक कार्प मछली पालन का आइडिया हमको कोलकाता के एक मत्स्य पालन किसान से मिला है. जब हमने मत्स्य पालन की शुरुआत की तो हमारे तालाब में स्नेल (घोंघा) काफी मात्रा में थे फिर हमने पता किया कि इस तालाब में कौन सी मछली का पालन करना चाहिए. जिससे स्नेल काम हो जाए फिर हमको पता चला कि ब्लैक कार्प प्रजाति के मछली होती है जो स्नेल को अपना भोजन बनाते हैं.

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला के विकासखंड कटरा बाजार ग्राम सभा सर्वांगपुर के एक युवक ने मछली पालन के क्षेत्र में नई पहल करते हुए ब्लैक कार्प मछली का पालन शुरू किया है. खास बात यह है कि वह सिर्फ मछली पालन ही नहीं कर रहे, बल्कि खुद ही मछलियों के बच्चे (बीज) भी तैयार कर रहे हैं. आमतौर पर मछली पालन करने वाले लोग बाहर से मछलियों के बच्चे खरीदते हैं, लेकिन इस युवक ने हैचरी तकनीक अपनाकर खुद ही बीज उत्पादन शुरू कर दिया है. इससे उनकी लागत कम हो गई है और मुनाफा भी बढ़ रहा है.

कोलकाता के व्यसायी से मिला आइडिया

लोकल 18 से बातचीत के दौरान गुरुचरन निषाद बताते हैं कि ब्लैक कार्प मछली पालन का आइडिया हमको कोलकाता के एक मत्स्य पालन किसान से मिला है, जब हमने मत्स्य पालन की शुरुआत की तो हमारे तालाब में स्नेल (घोंघा) काफी मात्रा में थे फिर हमने पता किया कि इस तालाब में कौन सी मछली का पालन करना चाहिए. जिससे स्नेल काम हो जाए फिर हमको पता चला कि ब्लैक कार्प प्रजाति के मछली होती है जो स्नेल को अपना भोजन बनाते हैं. फिर हमने स्नेल वाले तालाब में ब्लैक कार्प प्रजाति की मछली के पालन की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि फिर हमने सोचा क्यों ना उसका बच्चा तैयार किया जाए पहले तो मैं बच्चा तैयार करने में कई बार असफल रहा, लेकिन उसके बाद फिर मैं प्रयास किया तो पूरे उत्तर प्रदेश में पहली बार मैंने ब्लैक कार्प मछली का प्रजनन करवाया और बच्चा तैयार करने में सफल रहा.

2019 से कर रहे हैं ब्लैक कार्प का पालन

गुरुचरन निषाद बताते हैं कि ब्लैक कार्प का पालन 2019 से कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि ब्लैक कार्प मछली का ग्रोथ काफी जल्दी होता है और जिस तालाब में स्नेल होते हैं उसे तालाब में और प्रजाति की मछलियों का ग्रोथ नहीं होता है इसीलिए हमने ब्लैक कार्प मछली के पालन की शुरुआत की. ब्लैक कर मछली का मार्केट में डिमांड काफी रहता है और इसका रेट और स्वाद भी और मछलियों के मुकाबले अधिक होता है. ब्लैक कार्प मछली के साथ सभी प्रकार के मछलियों का पालन किया जा सकता है. हमारे यहां सबसे अधिक 35 किलो वजन की ब्लैक कार्प मछली निकल गया है. गुरु चरन निषाद बताते हैं कि गोंडा मंडी, गोरखपुर, लखनऊ में सप्लाई हो रही है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *