मक्का की आधुनिक खेती से किसानों की चांदी, प्रति एकड़ 90 हजार तक कमा रहे मुनाफा
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मुरादाबाद के किसान परंपरागत खेती छोड़कर आधुनिक और जैविक मक्का उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे प्रति एकड़ 80–90 हजार रुपये तक की आय हो रही है. सरकार की त्वरित मक्का विकास योजना के तहत बीज पर सब्सिडी मिलने से लागत घट रही है और मुनाफा बढ़ रहा है. कम समय में तैयार होने वाली इस फसल के साथ हल्दी की सहफसली कर किसान दोगुना लाभ भी कमा सकते हैं.
मुरादाबाद. किसान परंपरागत खेती से हटकर मक्का की आधुनिक और जैविक खेती अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. प्रति एकड़ 80,000-90,000 रुपए तक की आय हो रही है. सरकार की त्वरित मक्का विकास योजना के तहत बीज पर 15,000 रुपए प्रति कुंतल तक की सब्सिडी मिल रही है. जिससे लागत कम और आय दोगुनी हो रही है. यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है.
मक्का की खेती कर कमाएं तगड़ा मुनाफा
मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि मक्का की खेती करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इसकी खेती करने के लिए 25 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है. इसको लगाने के लिए लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर रखनी होती है. इसके साथ ही पौधे से पौधे की दूरी 20 सेंटीमीटर रखनी होती है. 90 से 120 दिन के अंदर यह फसल हमारी तैयार हो जाती है. इसके साथ ही इस फसल से हमारे किसान साथी 40 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की पैदावार ले सकते हैं.
अच्छा होगा मुनाफा
उन्होंने कहा कि हम मक्का की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि यह कम समय और कम लागत में तैयार होकर अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है. उन्होंने कहा कि मक्का की खेती के साथ सहफसली भी कर सकतें है. जिसमे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा. सहफसली में वह हल्दी की खेती कर सकते हैं, इससे मक्का की खेती पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मक्का और हल्दी दोनों की खेती करेंगे तो एक खेती का हमें पूरी बचत हो जाएगी और दूसरी खेती में से जो बचत होगी. उसका कुछ हिस्सा दोनों खेतों की लागत में लग जाएगा. इस प्रकार किसान अगर सहफसली करेंगे तो उन्हें डबल मुनाफा निकल कर आएगा.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें