मछली पालन से करनी है मोटी कमाई, तो सरकार करेगी आपकी मदद..जानिए प्रोसेस

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मछली पालन से करनी है मोटी कमाई, तो सरकार करेगी आपकी मदद..जानिए प्रोसेस


बहराइच: मत्स्य पालन योजना एक लाभ पारक योजना है जो चुनकर लाभार्थियों को दी जाती है. मत्स्य पालन वालों के लिए ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ बेहद लाभकारी योजना है, इस योजना से जुड़कर, मत्स्य पालक एक हेक्टेयर या पॉइंट टू हेक्टेयर में तालाब का निर्माण कराकर मछली पालन कर सकता है जिसमें सरकार ट्रेनिंग से लेकर अनुदान तक सारी फैसिलिटी देने का काम करती है.

ऐसे करें आवेदन!

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए एक लाभकारी योजना है. इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी अपनी निजी भूमि के आधार पर सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके तहत परियोजना की लागत प्रति हेक्टेयर निर्धारित की जाती है और तालाब निर्माण जैसी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है.

इस योजना के लिए आवेदन केवल निजी भूमि पर ही किया जा सकता है. आवेदन के बाद डीएलसी द्वारा रेंडमाइजेशन और लॉटरी सिस्टम के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता है. लॉटरी में जिन आवेदकों का चयन होता है, उन्हें योजना का लाभ दिया जाता है.

यह एक लाभार्थी आधारित योजना है, जिसमें पहले लाभार्थी को अपने संसाधनों से तालाब निर्माण और अन्य जरूरी कार्य शुरू करने होते हैं. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर सरकार की ओर से अनुदान की राशि लाभार्थी को प्रदान की जाती है.

यहां से मिलेगी मछली पालने की ट्रेनिंग!

मत्स्य पालन लाभार्थियों का सबसे बड़ा सवाल रहता है कि इसकी ट्रेनिंग कहां से ली जाए, क्योंकि कई बार जानकारी न होने के अभाव से लोग लाभ योजना के तहत तो उठा लेते हैं, लेकिन बाद में उनका नुकसान हो जाता है. ऐसे में लोगों को जानना जरूरी है कि इसके लिए ट्रेनिंग कहां से मिलेगी. इसके लिए विभाग, त्रिस्तरीय ट्रेनिंग चलता है. इसके अलावा, जिले में प्रदेश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लाभार्थियों को ट्रेनिंग कराई जाती है जो इस योजना से जोड़कर काम करते हैं उन्हें समय-समय पर ट्रेनिंग की सूचना भी दी जाती है, जिसके लिए किसान को ऑनलाइन आवेदन करना होता है.

कहां से मिलेगी मछली की बीज!

मछली पालन करता को मछली के बीज जिले में स्थित मत्स्य पालक विभाग उपलब्ध कराता है, इसके लिए बहराइच जिले में दो विभागीय अनुदानित स्थान भी बने हुए हैं जो योजना से अनुदानित है. मछली पालन करता यहां से भी मछली की बीज ले सकता है. इस योजना में एससी और महिलाओं के लिए 60% का अनुदान और अन्य सभी के लिए 40% का अनुदान दिया जाता है.



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