मशीन में कट गया हाथ, फिर भी नहीं मानी हार, आज कर रहे यह काम, प्रेरणादायी है कहानी

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मशीन में कट गया हाथ, फिर भी नहीं मानी हार, आज कर रहे यह काम, प्रेरणादायी है कहानी


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Sultapur News: सुल्तानपुर के इबरार अहमद का एक हाथ 27 साल पहले कट गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज वे एक हाथ से तांगा चलाकर और पल्लेदारी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं.

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एक हाथ से तांगा चलाते इबरार अहमद 

सुल्तानपुर : लहरों से डर कर नौका पार नहींं होती, हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती….यह पंक्तियां सुल्तानपुर के इबरार के ऊपर बिल्कुल सटीक बैठती हैं. दरअसल इबरार अहमद का 27 साल पहले एक हाथ मशीन में कट गया था, लेकिन उन्होंने जीवन से हार नहीं मानी और अपने जीवन में संघर्ष को अपनी आदत में शामिल कर लिया और आज वह अपना जीवन यापन करने के लिए एक हाथ से तांगा चलाने का काम करते हैं, तो आईए जानते हैं अबरार की कहानी.

इस घटना में कट गया था हाथ 
लोकल 18 से बातचीत के दौरान इबरार ने बताया कि साल 2007 में जब वह राइस मिल पर काम करने गए थे, उस दौरान उनका हाथ एक मशीन में फंस गया और  कट गया था. इसके बाद से उनके जीवन में संघर्ष की एक नई कहानी का आरंभ हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि डटकर मुकाबला किया और आज वह लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभरे हैं.

करते हैं ये काम 

वैसे तो इबरार मुसाफिरखाना के रहने वाले हैं, लेकिन वे काम सुल्तानपुर के बल्दीराय तहसील के ऊच गांव में करते हैं. वे एक हाथ से तांगा चलते हैं और उसी से सवारी या फिर माल की ढुलाई करते हैं. जिससे उनको कुछ पैसे मिल जाते हैं और इसी से ही वह अपना गुजारा कर रहे हैं. इसके अलावा वे पल्लेदारी का भी काम करते हैं.

मुश्किलों का करते हैं सामना 

इबरार का जब से दाहिना हाथ कट गया है, तब से वे काफी मुश्किल में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं. लेकिन इन सबके बावजूद भी वे अपने परिवार और बच्चों की देखभाल तांगा चलाकर व पल्लेदारी करके कर रहे हैं. वह कहते हैं कि जीवन में भले ही कितनी भी क्यों न मुश्किल आ जाए, हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका डटकर मुकाबला करना चाहिए.

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