महंगा लेदर या सस्ता विकल्प? आगरा के जूता बाजार में क्या है बायर की पसंद?

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महंगा लेदर या सस्ता विकल्प? आगरा के जूता बाजार में क्या है बायर की पसंद?


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Agra Shoe Market: आगरा का विश्व प्रसिद्ध जूता उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. वरिष्ठ व्यापारी आशीष जैन के अनुसार, कभी अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए मशहूर रहा आगरा का लेदर अब काफी महंगा हो चुका है, जिससे घरेलू बाजार में इसकी मांग कम हुई है. अब बजट और बायर की डिमांड को देखते हुए सिंथेटिक और किफायती लेदर का चलन बढ़ गया है. जानें, कैसे बदल रही है ताजनगरी के शू मार्केट की सूरत और क्या है इमिटेशन लेदर का पूरा गणित.

आगरा: ताजनगरी की पहचान सिर्फ मोहब्बत की निशानी ताजमहल से ही नहीं, बल्कि यहां के कदम-कदम पर बसे जूता कारोबार से भी है. देश-दुनिया के पैरों की शान बढ़ाने वाला आगरा का जूता उद्योग आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. कभी अपनी उच्च गुणवत्ता और ‘प्योर लेदर’ के लिए मशहूर रहा यह बाजार अब डिमांड और बजट के बीच संतुलन बनाने की जद्दोजहद में है. आगरा के वरिष्ठ जूता व्यापारियों का मानना है कि जो लेदर कभी इस उद्योग की जान हुआ करता था, अब वह आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है. आइए जानते हैं, लेदर की बदलती वैरायटी और सिंथेटिक के बढ़ते बाजार का पूरा गणित.

पुराने दौर का वो ‘खास’ लेदर, जो अब हुआ बेहद महंगा
आगरा के वरिष्ठ जूता व्यापारी आशीष जैन के अनुसार, सालों पहले लेदर की क्वालिटी बेहद उच्च और सीमित होती थी. उस समय आने वाला लेदर न केवल टिकाऊ था, बल्कि उससे बने जूते अपनी अलग ही चमक और आकर्षण बिखेरते थे. हालांकि, समय के साथ उस प्रीमियम लेदर की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. आज वह लेदर इतना महंगा हो चुका है कि भारतीय बाजार में उसकी डिमांड काफी कम हो गई है, लेकिन विदेशी बाजारों में आज भी इसी ‘रॉयल’ लेदर के जूतों की सबसे ज्यादा मांग है.

बदलती डिमांड: अब बजट के हिसाब से तैयार होता है माल
व्यापारी ने बताया कि वर्तमान में बाजार की सूरत बदल चुकी है. अब लेदर की अनगिनत वैरायटी उपलब्ध हैं. आज का कारोबार ‘बायर की डिमांड’ पर टिका है. आशीष जैन कहते हैं, “पहले लेदर सीमित था, लेकिन अब सस्ता लेदर भी बाजार में उपलब्ध है. जिस रेट में खरीदार ऑर्डर देता है, उसी क्वालिटी का लेदर इस्तेमाल कर जूता तैयार किया जाता है.” बाजार की प्रतिस्पर्धा ने लेदर की वैरायटी को तो बढ़ाया है, लेकिन पुराने दौर वाली क्वालिटी अब चुनिंदा ऑर्डर्स तक ही सिमट गई है.

सिंथेटिक लेदर का बढ़ता वर्चस्व: किफायती और आकर्षक विकल्प
महंगे लेदर के विकल्प के रूप में अब सिंथेटिक लेदर (इमिटेशन लेदर) ने बाजार पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया है. यह मुख्य रूप से पीवीसी या पीयू से बनी एक कृत्रिम सामग्री है, जो दिखने में बिल्कुल असली लेदर जैसी लगती है. कम बजट वाले खरीदारों के लिए यह पहली पसंद बन गया है. व्यापारी आशीष जैन के मुताबिक, सिंथेटिक लेदर सस्ता होने के कारण मास-मार्केट में काफी लोकप्रिय है और इसी के चलते आगरा की फैक्ट्रियों में अब सिंथेटिक जूतों का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर हो रहा है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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