महाकुंभ में घूम रहे लोगों ने एक साधु को देखा तो हिल गए, अब डीएनए टेस्ट की मांग

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महाकुंभ में घूम रहे लोगों ने एक साधु को देखा तो हिल गए, अब डीएनए टेस्ट की मांग


Agency:News18 Jharkhand

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डिजिटल के लियेधनबाद की खबरस्लग — 27 साल पहले घर छोड़ कर एक साथी के साथ भागे गंगासागर यादव बन गया है साधु,कुंभ मेला में देखा गया दोनों,परिवार वालो को जानकारी होने पर पँहुचे कुंभ,साधु बने गंगा ने अपने परिवार को प…और पढ़ें

कुंभ में एक साथु के लिए धनबाद से प्रयागराज पहुंचे लोगों ने डीएनए टेस्ट की मांग की.

हाइलाइट्स

  • सत्ताइस साल पहले घर छोड़ कर गया व्यक्ति एक साथी के साथ बन गया साधु.
  • कुंभ मेला में देखे गए दोनों, परिवार वालों को जानकारी हुई तो पंहुचे प्रयागराज.
  • साधु ने परिवार को पहचाने से किया मना, परिजनों ने डीएनए टेस्ट की मांग की.

धनबाद/संजय गुप्ता. 27 साल पहले घर छोड़ गए थे, लेकिन घरवालों को उनकी याद सताती रही. अब प्रयागराज महाकुंभ मेले में इनको देखे जाने की सूचना जब परिवारवालों को मिली तो परिजन भागे-भागे कुंभ मेले में पहुंच गए. साधु के वेश में कुंभ में रह रहे व्यक्ति को लोगों ने पहचान भी लिया, लेकिन घरवालों को झटका तब लगा जब साधु ने पहचानने से इनकार कर दिया. अब परिजन साधु के डीएनए टेस्ट की मांग कर रहे हैं. दरअसल, यह दिलचस्प कहानी झारखंड के धनबाद के एक परिवार की है जिन्होंने साधु को अपने परिवार का सदस्य बताया है और यह भी कहा है कि विश्वास न हो तो उनका डीएनए जांच करवा लिया जाए.

दरअसल, धनबाद भूली श्याम नगर में रहने वाले गंगा सागर यादव अपने एक साथी राजकुमार गोस्वामी के साथ 27 साल पहले अपने घर को छोड़ भाग गया था. पत्नी, मां, पुत्र, बेटा को छोड़ घर से चला गया था. लेकिन, अब 27 साल बाद गंगासागर यादव का पता परिवार को चला है. प्रयागराज कुंभ मेला में गंगासागर यादव देखा गया है, लेकिन वह अब बन गया है. वहीं उसका साथी राजकुमार गोस्वामी भी उसके साथ साधु बन गया है और वह भी उसके साथ है. इस बात की जानकारी होने पर भूली से गंगा सागर के परिवार वाले कुंभ रवाना हो गए. कुंभ में साधु बने गंगासागर को पहचान भी गये, लेकिन गंगासागर अपने परिवार को पहचाने से साफ इंकार कर दिया.

साधु को अपने परिवार का कहने वाले लोग डीएनए टेस्ट की माग कर रहे हैं.

गंगा सागर ने कथित तौर पर परिजन बताने वाले उन लोगों से कहा कि वह काशी विश्वनाथ के रहने वाले हैं. वह गंगा सागर यादव नहीं, बल्कि कोई और है. हालांकि, गंगा सागर यादव के परिवार वालों का दावा है कि साधु बना व्यक्ति उसका गंगा सागर यादव है. वह परिवार को नहीं पहचाने की बात झूठ बोल रहा है. अगर, उसके परिवार वाले कोई अन्य हैं तो उससे मिलाया जाय, साथ ही डीएनए टेस्ट कराया जाय.

वहीं, गंगा सागर यादव को पहचाने वाली उनकी पत्नी धनवा देवी, उनका बेटा कमलेश यादव, भाई मुरली यादव और बुजुर्ग मां फुलनन्दवा देवी का कहना है कि साधु बना व्यक्ति उसका गंगासागर यादव है. वह अन्य स्थान का होने की बात गलत कह रहा है. वह वापस एक बार आकर परिवार वालों को पहचाने, कुछ दिन रहे उसके बाद चला जाय. परिजनों का कहना है कि डीएनए टेस्ट करायी जाय जिससे सच सामने आ जाएगा.

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