माघ मेले का भगवाकरण, ब्रिज से लेकर गेट तक सब भगवा, 10000 पुलिसवाले होंगे तैनात
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माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मेले के दर्शन तत्व की झलक दिखाने की कोशिश की जा रही है. मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे दिखाने का प्रयास इस वर्ष मेला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है. इसी क्रम में मेले के सातों सेक्टरों को सात ऊर्जा चक्रों के रंगो से अलग अलग अलंकृत किया जाएगा.
प्रयागराजः साल 2026 के 3 जनवरी से शुरू होने वाले माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. माघ मेले का अब भगवाकरण किया जा रहा है. मेले में बन रहे सात पांटून ब्रिजों को जहां भगवा रंग से रंगा जा रहा है. वहीं मेले में सभी सात सेक्टरों में अलग-अलग रंगों में स्वागत गीत बनाए जाएंगे. मेला परिसर 800 हेक्टेयर में 7 सेक्टर में बसाया जा रहा है. माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मेले के दर्शन तत्व की झलक दिखाने की कोशिश की जा रही है. मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे दिखाने का प्रयास इस वर्ष मेला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है. इसी क्रम में मेले के सातों सेक्टरों को सात ऊर्जा चक्रों के रंगो से अलग अलग अलंकृत किया जाएगा. सभी सेक्टरों के रंग के अनुसार उनमें स्वागत द्वार भी बनाए जाएंगे. पॉन्टून ब्रिजों को भी भगवा रंग में रंगा जा रहा है. उन पर पूर्वस्थित लाइट के खम्बों पर एलईडी में धार्मिक चिन्ह के साथ झंडे भी लगाए जाएंगे.
10000 पुलिस वालों की होगी तैनाती
हर सेक्टर की चारदीवारी पर सेक्टर के रंग से संबंधित एक 3 फुट चौड़ी सीमांकन पट्टी लगेगी. जिस पर प्रदेश सरकार एवं माघ मेला का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा, इसे लगाने की भी योजना है. ऐसा करने से आम जनता को सेक्टरों की पहचान करने में आसानी भी होगी एवं मेला क्षेत्र व्यवस्थित दिखेगा.वहीं मेले की सुरक्षा के लिए लगभग 10 हजार पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है. अब तक कई चरणों में पुलिस फोर्स मेले में पहुंच भी गई है. जबकि 20 दिसंबर तक पूरी पुलिस फोर्स माघ मेले में पहुंच जाएगी.

शराब और मांस का ना सेवन करने वालों को वरीयता
माघ मेले में नान एल्कोहलिक और नॉनवेज न खाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती को वरीयता दी जा रही है. पुलिस कर्मियों की तैनाती में यह भी देखा जा रहा कि उनका आचरण अच्छा हो और उनके खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायतें ना हों. ऐसे पुलिसकर्मी माघ मेला ड्यूटी में लगाए जा रहे हैं जो पहले कुंभ या माघ मेले में ड्यूटी किए हों. ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है जिनकी प्रवृत्ति भी धार्मिक हो. मेले में ड्यूटी पर आने वाले पुलिस कर्मियों को सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी जा रही है.

पुलिसकर्मियों को दी जा रही ट्रेनिंग
बताया जा रहा है कि मेले में आने वाले साधु-संतों, श्रद्धालुओं और कल्प वासियों से अच्छा व्यवहार करना है. पुलिस कर्मियों को मेला ड्यूटी के बारे में बारीकी से जानकारी दी जा रही है. वहीं उन्हें मेले की भौगोलिक क्षेत्र धार्मिक स्थलों और उसके महत्व से भी रूबरू कराया जा रहा है. पुलिस कर्मियों को मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को गाइड करना है और उनकी मदद भी करनी है. मेले में ऐसे पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया जा रहा है, जो हिंदी के अलावा अंग्रेजी व अन्य भाषाओं के भी जानकार हैं. ताकि हिंदी भाषी प्रदेशों के अलावा अन्य प्रदेशों और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी मदद कर सकें.

17 कंपनी पीएसी, 400 एसआई, 15 डिप्टी एसपी निलंबित
माघ मेले में बाहरी जिलों से सात एडिशनल एसपी, 15 डिप्टी एसपी मिले हैं. माघ मेले में 50 इंस्पेक्टर, 400 से अधिक सब इंस्पेक्टर, ढाई हजार से ज्यादा हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल, 1500 से ज्यादा होमगार्ड, 17 कंपनी पीएसी, दो कंपनी आर ए एफ तैनात की जा रही है. इसके अलावा एन एस जी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें भी मेले तैनात रहेंगी. विशेष तौर पर पूरा मेला क्षेत्र एटीएस कमांडो की निगरानी में रहेगा. एसएसपी माघ मेला नीरज पांडेय ने दी जानकारी.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें