मिर्च के पौधों पर खतरनाक वायरस का अटैक… पत्तियां पड़ रहीं पीली! तुरंत करें ये 3 काम

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मिर्च के पौधों पर खतरनाक वायरस का अटैक… पत्तियां पड़ रहीं पीली! तुरंत करें ये 3 काम


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Green Chilli Farming Tips : मिर्च के पौधों पर लीफ कर्ल वायरस ने तेजी से हमला कर दिया है. इसके असर से पत्तियां पीली और मुड़ी हुई दिख रही हैं, जिससे पौधों की बढ़वार और पैदावार दोनों प्रभावित हो रहे हैं. अगर समय पर ये 3 कदम नहीं उठाए गए, तो फसल बर्बाद हो सकती है.

शाहजहांपुर : हरी मिर्च जिसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है. हरी मिर्च का इस्तेमाल अचार बनाने के लिए सलाद के लिए और सब्जियों में मसाले के तौर पर किया जाता है. हरी मिर्च की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. ऐसे में अगर आप खेती करते हैं तो हरी मिर्च की फसल लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, लेकिन हरी मिर्च की फसल में लीफ कर्ल वायरस एक बड़ी समस्या है. जिसकी रोकथाम करना बेहद जरूरी है, अन्यथा लीफ कर्ल वायरस फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है, फसल बर्बाद भी हो सकती है.

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि हरी मिर्च की फसल में लीफ कर्ल वायरस एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो फसल को भारी नुकसान पहुंचाती है. यह वायरस सबसे पहले पौधे की पत्तियों पर अटैक करता है, चपेट में आने पर पत्तियां मुड़कर छोटी रह जाती हैं. पत्तियां पीली पड़ने लगती है, जिसकी वजह से पौधे को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता और पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. पौधे की ग्रोथ प्रभावित होने पर उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. लीफ कर्ल वायरस मुख्य रूप से सफेद मक्खी के माध्यम से फसल में फैलता है और यह सफेद मक्खी वायरस को एक पौधे से दूसरे पौधे पर पहुंचा देती है. ऐसे सबसे ज्यादा जरूरी है कि किसान सफेद मक्खी की रोकथाम करें, इसके बाद लीफ कर्ल वायरस की रोकथाम भी हो जाएगी.

इन बातों का रखें ध्यान
हरी मिर्च की रोपाई से पहले पौध तैयार की जाती है, अगर पौध निरोगी होगी तो हरी मिर्च की फसल से अच्छा उत्पादन मिलेगा. पौध तैयार करते समय एहतियात बरतें, पौध को जाली लगाकर एक क्यारी में उगाएं ताकि पौध को सफेद मक्खी के आतंक से बचाया जा सके और अगर पौध में लीफ कर्ल वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत पौधे को उखाड़ कर फेंक दें.

नीम का ऐसे करें इस्तेमाल
लीफ कर्ल वायरस से बचाव के लिए रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की बजाय किसान जैविक तरीका भी अपना सकते हैं. किसान नीम ऑयल को पानी में घोल बनाकर मिर्च के पौधों पर छिड़काव कर दें. जिससे लीफ कर्ल वायरस वाहक सफेद मक्खी मर जाएगी. लीफ कर्ल वायरस फसल में आगे दूसरे पौधों में नहीं फैलेगा.

अंत में करें ये उपाय
अगर जैविक उपाय करने के बावजूद भी हरी मिर्च के पौधों में लीफ कर्ल वायरस के लक्षण दिखाई दें तो सफेद मक्खी को नियंत्रित करने के लिए रासायनिक कीटनाशक का इस्तेमाल कर सकते हैं. किसान इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid) या मोनोक्रोटोफॉस (Monocrotophos) नाम के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव कर दें. ऐसा करने से लीफ कर्ल वायरस की वाहक सफेद मक्खी मर जाएगी. वायरस का प्रकोप पौधों में आगे नहीं बढ़ेगा.

मृत्‍युंजय बघेल

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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