मिशन-2027 को लेकर दलितों को साधने में जुटी कांग्रेस, कल बड़ा ऐलान करेंगे राहुल गांधी
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उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की संख्या करीब 22 फीसदी है, जो किसी भी चुनाव में एक अहम भूमिका निभाता है. इसी के बल पर बसपा सुप्रीमो मायावती कई बार UP की मुख्यमंत्री बनी और 2007 में पूर्ण बहुमत भी हासिल किया. मगर, उसके बाद बसपा का जनाधार घिसकता गया, लोकसभा में बसपा साफ हो गई. अब एक बार फिर दलितों पर राजनीति शुरू हो गई है.
राहुल गांधी कल करेंगे बड़ा ऐलान.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों ने अब दलितों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. इसी क्रम में अब सपा के साथ ही साथ कांग्रेस भी कल 13 मार्च को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़े स्तर पर दलित मसीहा कांशीराम जी की जयंती मनाने जा रही है. इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होकर न सिर्फ दलितों से समर्थन मांगते हुए नजर आएंगे. बल्कि इस दौरान दलितों की हर एक उम्मीद पर खरा उतरने का भरोसा देते हुए कोई बड़ा ऐलान करते हुए भी दिखेंगे.
दरअसल, उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की संख्या करीब 22 फीसदी है, जो किसी भी चुनाव में एक अहम भूमिका निभाता है. इसी के बल पर बसपा सुप्रीमो मायावती कई बार UP की मुख्यमंत्री बनी और 2007 में पूर्ण बहुमत भी हासिल किया. मगर, उसके बाद बसपा का जनाधार घिसकता गया, लोकसभा में बसपा साफ हो गई. बीते विधानसभा में बसपा 1 सीट तक सिमट गई. जिसका फायदा बीते लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने उठाते हुए बसपा के साथ ही साथ BJP को भी करारी शिकस्त दे दी. इससे उत्साहित सपा और कांग्रेस बसपा से नाराज दलितों को एक बार फिर साधने की कवायद में जुट गए है. इस दौरान कांग्रेस ने एक ओर जहां कल 13 मार्च को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम जयंती मनाने का ऐलान किया है. वहीं दूसरी ओर कांशीराम पर किसी एक दल या नेता का अधिकार ना होने की बात कहते हुए कांग्रेस ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भी जमकर आड़े हाथों लिया है.
UP में दलित वोट की चाहत और होड़ का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते है कि इंडिया गठबंधन की साथी पार्टियां सपा और कांग्रेस भी खुद के द्वारा ही सिर्फ कांशीराम का सम्मान और दलितों का समर्थन किये जाने का दावा किया जा रहा है. कांग्रेस के कांशीराम प्रेम पर बोलते हुए सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी मान्यवर काशीराम जी की जयंती को PDA दिवस के रूप में मना रही है. पूरे देश-प्रदेश में मान्यवर काशीराम जी और नेता मुलायम सिंह यादव ने जो रास्ता दिखाया था, जो PDA के साथ वंचित समाज के लिए काम किया था… समाजवादी पार्टी उसी का संकल्प ले रही है. कांग्रेस बसपा या अन्य दल मान्यवर काशीराम की जयंती पर क्या कर रहे हैं? उस पर अब समाजवादी पार्टी को टिप्पणी नहीं करनी है. समाजवादी पार्टी मान्यवर काशीराम जी की जयंती को वीडियो दिवस के रूप में मनाने का काम करेगी.
हालांकि, इस दौरान इस मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता समीर सिंह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. कहा कि कांग्रेस दलितों और शोषितों के नाम पर सिर्फ छलावा करती है. कांग्रेस ने हमेशा दलितों का शोषण किया है. सरकार में रहते हुए कांग्रेस ने कभी भी दलितों का कोई उत्थान नहीं किया. दलितों के लिए न प्रधानमंत्री आवास थे ना शौचालय थे ना कोई गरीब कल्याण की योजना थी. 2014 के बाद मोदी सरकार में ही दलितों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है. उन्हें आवास शौचालय समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिला कांग्रेस सिर्फ दलितों के लिए ढकोसला करती है.
कांग्रेस के इस दलित प्रेम पर राजनैतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जन आधार बेहद कम हुआ है. कांग्रेस के लिए एक दो सीटें लाना भी मुश्किल हो गया है जिसका बड़ा कारण दशको तक कांग्रेस के साथ रहे दलितों का कांग्रेस से मोह भंग हो जाना माना जाता है. 90 के दशक के बाद कांग्रेस छोड़ दलित बसपा के साथ चला गया. तब से अब तक दलित समाज कुछ बसपा और कुछ भाजपा के साथ है. कांग्रेस एक बार फिर दलितों को साधने की खबर में जुटी है. कांग्रेस चाहती है कि बसपा भाजपा से नाराज दलित सपा के बजाय कांग्रेस को चुने. दलित आम तौर पर समाजवादी पार्टी के साथ नहीं जुड़ते. भले ही सपा ने PDA के मुद्दे को उठाने की कोशिश की हो. इसलिए कांग्रेस के पास दलितों का सच्चा हितैषी साबित करने का एक मौका नज़र आ रहा है. इसलिये कांग्रेस इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें