यूपी के इस जिले में है वो सुरंग जहां छिपता था डाकू सुल्ताना, आप भी करें दीदार
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Daku Sultana Story : आज के समय में अधिकांश लोग पीलीभीत को यहां के जंगलों और बाघों के लिए जाना जाता है. आज लोग साफ आबोहवा के लिए यहां का रुख करते हैं. मगर एक दौर में लोग पुलिस और पैरामिलिट्री से बचने और शरणस्थली के तौर पर तराई के जंगलों को चुनते थे. कुख्यात डाकू सुल्ताना भी पुलिसबल के दबाव में तराई के जंगलों में शरणलेता था.
सुल्ताना डाकू को दिसंबर 1923 में नजीबाबाद के पास गिरफ्तार किया गया था. उसकी गिरफ्तारी के दौरान का एक दुर्लभ फोटो आज भी चर्चित है, जिसमें सुल्ताना कद-काठी से सामान्य इंसान लग रहा है. नैनीताल की अदालत में सुल्ताना डाकू पर मुकदमा चला और उसे फांसी की सजा सुनाई गई. शिकारी और लेखक जिम कार्बेट ने अपनी पुस्तक ‘माई इंडिया’ में सुल्ताना डाकू का जिक्र किया है और उसे ‘ इंडियन रॉबिनहुड’ नाम दिया था.

सुल्ताना डाकू पर अलग-अलग समय में कई किताब और फिल्में बनाई गई. वैसे सुल्ताना डाकू को लेकर अलग अलग इससे भी प्रचलित है. मगर उससे जुड़ी सटीक जानकारी बहुत ही कम मिलती है. मगर 30 साल की उम्र में ही सुल्ताना डाकू आतंक का पर्याय बन चुका था. लगातार हुई वारदातों को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने उसे 30 साल की उम्र में ही फांसी दे दी थी.

लगातार बढ़ते आतंक को देखते हुए ब्रिटिश पुलिस पर भी सुल्ताना को पकड़ने का दबाव बढ़ गया था. नैनीताल के कालाढूंगी के जंगलों में लगातार हो रही छापेमारी के चलते सुल्ताना डाकू तराई की पूर्वी सरहद पर बसे पीलीभीत आ पहुंचा. लगभग 2 सालों के दौरान सुल्ताना ने पीलीभीत के जंगलों में ही शरण लेते हुए बड़ी बड़ी डकैतियों को अंजाम दिया था. स्थानीय लोगों के मुताबिक सुल्ताना तराई के जिस जंगल में शरण लेता था वह सुरंग आज भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मौजूद है.
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गौरतलब है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व बीते कुछ सालों में लगातार प्रसिद्ध हो रहा है. सफारी में बाघों का दीदार करने के साथ ही साथ पर्यटकों को टाइगर रिजर्व के अलग अलग रमणीय स्थल की सैर कराई जाती है. इनमें से एक है सप्त सरोवर, ब्रिटिशकाल में बनाया गया ये स्पॉट आज भी पर्यटकों के लिए एक परफेक्ट पिकनिक स्पॉट है. इसी पिकनिक स्पॉट के नजदीक ही सुल्ताना डाकू की कथित गुफा मौजूद है.

अगर आप भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व आने की सोच रहे हैं तो पहले कुछ बातें जान लें. पीलीभीत में डॉरमेट्री से लेकर लक्जरी रिजॉर्ट तक मौजूद हैं. अगर ठहरने में आने वाले खर्च की बात करें तो ये रेंज 500 रुपये से लेकर कई हजार रुपये तक जाती है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सैर के लिए प्रति व्यक्ति लगभग एक हजार रुपये खर्च आता है. टाइगर सफारी की ऑनलाइन बुकिंग के लिए आप पीटीआर की ऑफिशियल वेबसाइट www.pilibhittigerreserve.in पर जा सकते हैं.