यूपी में आ गया पशुओं का अनोखा चॉकलेट, खिलाते ही बाल्टी से बहेगी दूध की धारा
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Sultanpur Animal Care Tips: दुधारू पशुओं में दूध बढ़ाने के लिए पशुपालक कई ट्रिक अपनाते हैं. ऐसे में यूपी के सुलतानपुर के पशु चिकित्सा वैज्ञानिक गौरव पांडे ने कुछ खास टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि पशुओं को पशु वाला…और पढ़ें
पशु चॉकलेट
हाइलाइट्स
- पशु चॉकलेट से दूध उत्पादन बढ़ता है.
- चॉकलेट में मिनरल मिक्चर, गेहूं की चूनी, चोकर और गुड़ शामिल हैं.
- पशु चॉकलेट से पशुओं का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है.
सुलतानपुर: प्राय: देखने को मिलता है कि चॉकलेट का नाम जैसे ही आता है. वैसे ही हमे इंसानों द्वारा खाए जाने वाले चॉकलेट का ख्याल मन में आने लगता है, लेकिन आज हम आपको पशुओं के चॉकलेट के बारे में बताएंगे. पशुओं में प्रोटीन की मात्रा बढ़ सके और वह दूध अधिक दें. इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर के वैज्ञानिकों द्वारा पशु चॉकलेट विकसित किया गया है, जिसमें कई तरह के पौष्टिक गुण शामिल हैं. इस चॉकलेट के माध्यम से दुधारू पशुओं में दुग्ध की पैदावार अधिक हो सकेगी. ऐसे में आईए जानते हैं कि यह पशु चॉकलेट कैसे बनता है और किस तरह से पशुओं के दूध उत्पादन को प्रभावित करता है.
जानें क्या होता है पशु चॉकलेट
सुलतानपुर कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉक्टर गौरव पांडे ने लोकल 18 से बताया कि पशु चॉकलेट को यूरिया मोलासेस मिनरल्स ब्लाग अथवा यूएमवी कहा जाता है. जो जुगाली करने वाले पशु जैसे गाय, भैंस, बकरी, भेड़ आदि को दिया जाता है, जिससे दुग्ध उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी होती है.
इन चीजों से बनता है पशु चॉकलेट
डॉ. गौरव पांडे ने बताया कि पशु चॉकलेट में कई तरह के गुणकारी तत्व मिलाए जाते हैं, जिसमें मिनरल मिक्चर, गेहूं की चूनी, चोकर और गुड़ की राब मिलाई जाती है. इन चीजों से पशु चॉकलेट तैयार किया जाता है, जिसको पशु जब चाटते हैं. तब उसमें से निकलने वाली यूरिया से नाइट्रोजन तैयार होता है. यही नाइट्रोजन प्रोटीन का निर्माण करता है.
ऐसे प्रयोग करें पशु चाकलेट
पशु चॉकलेट का प्रयोग पशुओं में दुग्ध बढ़ाने के लिए किया जाता है. ऐसे में पशु जिस हौदा में चारा खाते हैं. उसी के बगल इसको रख देना चाहिए. ताकि चारा खाने के साथ-साथ पशु बीच बीच में इसे जीभ से चाटते भी रहें और इसमें माइक्रो आकर में उत्पादित होने वाले लाभकारी गुण पशुओं के शरीर में चले जाते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य भी बढ़िया रहता है और दूध उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
Sultanpur,Uttar Pradesh
February 24, 2025, 05:36 IST