रायबरेली की रन्नो देवी ने स्वयं सहायता समूह से शुरू किया जैम का कारोबार,कमा रही मुनाफा

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रायबरेली की रन्नो देवी ने स्वयं सहायता समूह से शुरू किया जैम का कारोबार,कमा रही मुनाफा


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रायबरेली के हरचंदपुर की रहने वाली रन्नो देवी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर गांव की महिलाओं के साथ मिलकर सेब का जैम बनाने का काम शुरू किया है. स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाएं घर बैठे रोजगार पा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं.

रायबरेली.  केंद्र सरकार से लेकर यूपी सरकार महिलाओं को सशक्त,आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह की योजनाएं संचालित कर रही है. जिससे जुड़कर महिलाएं भी अपनी एक नई पहचान स्थापित कर रही हैं. इसी कड़ी में रायबरेली जिले के हरचंदपुर की रहने वाली रन्नो देवी ने भी केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़कर सफलता का एक नया अध्याय लिख रही हैं. रन्नो देवी को गांव की ही कुछ महिलाओं से स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी हुई. फिर उन्होंने हरचंदपुर ब्लॉक पहुंच कर वहां से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना कार्यालय से संपर्क करके जानकारी हासिल किया. उसके बाद अपने मोहल्ले की कुछ महिलाओं को एकत्र कर पूजा महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया. पूजा महिला स्वयं सहायता समूह का उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना था.

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण से प्राप्त किया प्रशिक्षण

रन्नो देवी बताती हैं कि उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से सेब का जैम बनाने के बारे में सौ दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया. वहां से प्रशिक्षण लेने के बाद रन्नो देवी ने समूह की महिलाओं के साथ मिलकर सेब का जैम बनाने का काम शुरू कर दिया.  लोकल 18 से बात करते हुए रन्नो देवी बताती हैं कि वह अपनी समूह की महिलाओं के साथ मिलकर घर पर ही सेब का जैम तैयार करती हैं. उसके बाद डिब्बों में पैक कर उन्हें रायबरेली के दुकानदारों को बिक्री कर देती हैं. जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल जाता है वह बताती है कि उनके पास 200 ग्राम से लेकर 500 ग्राम तक सेब का जैम उपलब्ध है. आगे की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तैयार जैम बाजार में मिलने वाले जैम से कम कीमत पर उपलब्ध है.

समूह से बनी आत्मनिर्भर

पूजा स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिला रीना राय बताती है कि उन लोगों को गांव में ही रोजगार मिल गया है. जिससे उनको अब अपने पति से अपने किसी खर्चे के लिए पैसे नहीं मांगने पड़ते हैं. वह खुद अपने काम से अच्छे पैसे कमा रहे हैं. वह बताती है कि वह अब अपने घरेलू खर्च स्वयं वहन करती हैं. इसके लिए वह अब अपने पति पर बिल्कुल भी निर्भर नहीं है. साथ ही इस काम से वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला पा रही हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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