राहुल गांधी को बड़ी राहत, सांसदी को चुनौतो देने वाली याचिका HC ने की खारिज
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Lucknow News: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी की सांसदी को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने पाने आदेश में कहा कि सूरत कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. लिहाजा याचिका की अहर्ता ख़त्म हो चुकी है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गुजरात की सूरत अदालत द्वारा वर्ष 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्टे दे रखा है. इस कारण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत लगने वाली अर्हता खत्म होने की स्थिति ही लागू नहीं होती. कोर्ट ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के रहते राहुल गांधी पर चुनाव लड़ने या सांसद रहने की कोई पाबंदी नहीं है.”
याचिका में दी गई थी ये दलील
याचिका लखनऊ के स्थानीय अधिवक्ता अशोक पांडे ने दायर की थी. इसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी की रायबरेली से सदस्यता रद्द की जाए क्योंकि सूरत कोर्ट के फैसले के बाद उनकी अर्हता समाप्त हो गई थी. हाईकोर्ट ने याचिका को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर कोई जुर्माना नहीं लगाया. गौरतलब है कि सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने मार्च 2023 में ‘मोदी सरनेम’ वाले बयान पर राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता स्वतः चली गई थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में ही सजा पर स्थगन दे दिया था.
राहुल को बड़ी राहत
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने रायबरेली सीट जीती थी. हाईकोर्ट का यह फैसला राहुल गांधी के लिए एक और कानूनी राहत माना जा रहा है. याचिकाकर्ता अशोक पांडे ने कोर्ट के बाहर मीडिया से कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने पर विचार कर रहे हैं.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें